छात्रवृत्ति योजना के लाभार्थियों के लक्ष्य में भी काफी बढ़ोतरी की गई है। अभी किसान परिवार के विद्यार्थियों को ही योजना का लाभ मिलता था, अब योजना के दायरे में औद्यानिकी, मतस्य और पशुपालन आदि से जुड़े परिवारों को भी लाने का फैसला किया गया है। कृषि विश्वविद्यालयों में होम साइंस विषय से पढ़ाई कर रहे विद्यार्थी भी योजना का लाभ ले सकेंगे।
प्रत्येक कृषि विश्वविद्यालय में स्नातक के 25 विद्यार्थियों और उनसे संबद्ध महाविद्यालय स्तर पर स्नातक के 10 विद्यार्थियों को योजना का लाभ दिया जाएगा। अभी तक यह संख्या क्रमश: 20 और 8 थी। इसी तरह प्रत्येक कृषि विश्वविद्यालय में स्नातकोत्तर के 10 विद्यार्थियों और महाविद्यालय में स्नातकोत्तर के 5 विद्यार्थियों को योजना का लाभ मिलेगा।
कृषि विश्वविद्यालयों में होम साइंस विषय से पढ़ाई कर रहे 6 विद्यार्थियों का भी छात्रवृत्ति के लिए चयन किया जाएगा। छात्रवृत्ति की राशि प्रतिमाह 3 हजार रुपये होगी। योजना के लिए विद्यार्थियों का चयन मेरिट के आधार पर होगा। स्नातक में छात्रवृत्ति के लिए इंटरमीडिएट के अंकों के आधार पर वरीयता सूची बनेगी।
पीजी कक्षाओं में छात्रवृत्ति के लिए स्नातक में मिले अंकों के आधार पर वरीयता सूची तैयार होगी। विश्वविद्यालय स्तर पर बनी कमेटी वरीयता सूची के आधार पर छात्रों के नामों की संस्तुति करेगी। कृषि विश्वविद्यालयों में हॉस्टल भी बनाए जाएंगे। इसके लिए अगले बजट में 25 करोड़ रुपये की व्यवस्था किए जाने का अनुमान है।
किसानों को दुर्घटना सहायता योजना का लाभ लेने के लिए न सिर्फ अधिकतम उम्र की सीमा में बढ़ोतरी करने का फैसला किया गया है, बल्कि सहायता राशि भी बढ़ाई जा रही है। मौजूदा व्यवस्था में 18-60 वर्ष तक के किसान योजना का लाभ ले सकते थे, अब इसे बढ़ाकर 18-70 वर्ष किया जा रहा है।
इतना ही नहीं, माल बेचकर घर लौट रहे या कुआं और नलकूप की खोदाई के वक्त हादसे के शिकार हुए किसानों को भी योजना का लाभ मिलेगा। प्रस्तावित योजना में दोनों हाथ, पैर या आंख के अंग-भंग होने पर सहायता राशि 60 हजार रुपये से बढ़ाकर 75 हजार रुपये की गई है। एक अंग भंग होने पर सहायता राशि 30 हजार से बढ़ाकर 40 हजार रुपये मिलेगी।
चार अंगुली कटने पर सहायता राशि 30 हजार, तीन अंगुली कटने पर 25 हजार रुपये होगी। अभी तक लागू व्यवस्था में दुर्घटना होने के 30 दिन के भीतर आवेदन करना होता था, लेकिन अब इस अवधि को बढ़ाकर 90 दिन कर दिया गया है।
प्रत्येक संभाग में हर छमाही दो विजेताओं को मिलेंगे ट्रैक्टर
किसान उपहार योजना के तहत प्रत्येक संभाग में छमाही उपहार योजना में लकी ड्रॉ विजेताओं को एक ट्रैक्टर, दो पावर टिलर, तीन हार्वेस्टर और 10 सोलर पावर पैक दिए जाते थे। अब इनकी संख्या बढ़ाकर दोगुनी की जाएगी। इसी तरह तिमाही उपहार योजना में 5 पंपिंग सेट, 10 पावर स्प्रेयर, 15 हस्तचालित पंखे दिए जाएंगे। अभी यह संख्या क्रमश: 1, 2 और 3 थी।