इसके अलावा अब सेवानिवृत्त हो चुके औरेया के तत्कालीन जिला समाज कल्याण अधिकारी श्रीभगवान से गबन की धनराशि 33 लाख 47 हजार 400 रुपये में से 20 लाख रुपये की वसूली अधिकारी के देयकों से किये जाने और उनकी पेंशन से स्थाई रूप से 10 प्रतिशत की कटौती किए जाने का निर्देश दिया गया है। श्रीभगवान वर्ष 2018 से 2020 तक जिले में कार्यरत रहे और वहीं से सेवानिवृत्त हुए। उन्होंने वृद्धावस्था पेंशनरों के खातों के नाम में भिन्नता होने पर भी वेरिफाई किया। 251 लाभार्थियों के खाते बदलकर अन्य व्यक्तियों के खाते में पेंशन की राशि भेजी गई।
मथुरा के तत्कालीन जिला समाज कल्याण अधिकारी विनोद शंकर तिवारी ने वर्ष 2015-16 से 2019-20 तक 11 मान्यताविहीन संस्थानों को 2.53 करोड़ की धनराशि का भुगतान छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति के मद में किया। वर्ष 2018-19 में 20 शिक्षण संस्थानों व वर्ष 2017-18 में 8 शिक्षण संस्थानों के कुल 5133 छात्रों ने बिना परीक्षा में शामिल हुए छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति के रूप में 9.69 करोड़ रुपये प्राप्त किए। इनसे भी पेंशन से 50 प्रतिशत स्थाई रूप से कटौती किए जाने के साथ ही 1 .96 करोड़ रुपये की वसूली के निर्देश दिए गए हैं।
मथुरा के तत्कालीन जिला समाज कल्याण अधिकारी और अब सेवानिवृत्त हो चुके उमा शंकर शर्मा ने वर्ष 2015-16 से 2019-20 तक 11 मान्यताविहीन संस्थानों को 2.53 करोड़ की राशि का भुगतान छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति के रूप में किया।
संस्थाओं ने आईटीआई पाठ्यक्रम में स्वीकृत सीट के सापेक्ष 5526 अधिक छात्रों की राशि का भुगतान अनियमित तरीके से प्राप्त किया। उनकी पेंशन से 50 प्रतिशत की स्थाई रूप से कटौती के साथ 88 लाख 94 हजार 40 रुपये की वसूली का निर्देश दिया गया है।
सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भ्रष्टाचार पर कार्रवाई जारी रहेगी। ऐसे और मामले जो दबे हुए हैं, उनमें भी शीघ्र कार्यवाही होगी और एफआईआर भी दर्ज होगी।-असीम अरुण, समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)