दो वर्षों में सरकार ने करीब 436 करोड़ रुपये खर्च किए
आंकड़ों की बात करें तो शैक्षिक सत्र 2022-23 में 71,214 बच्चों का नामांकन हुआ। 2024-25 में बढ़कर 1,14,196 हो गया। करीब पांच लाख से अधिक बच्चे अभी निजी विद्यालयों में पढ़ाई कर रहे हैं। इसके लिए पिछले दो वर्षों में सरकार ने करीब 436 करोड़ रुपये खर्च किए।
लॉटरी और नामांकन की तारीखें तय
आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया सरल
बताया कि अभिभावकों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए विभिन्न जिलों में हेल्पडेस्क बनाई गई है। एनएसएस और एनसीसी के स्वयंसेवकों की मदद से ग्रामीण क्षेत्रों में जागरुकता फैलाई जा रही है। उन्हें बच्चों का आवेदन कराने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। बताया कि आय, जाति और निवास प्रमाण पत्रों जैसे दस्तावेज बनाए जाने की प्रक्रिया सुविधाजनक की गई है।