योगी ने कहा कि इस आयोजन में मुख्यमंत्री निराश्रित/बेसहारा गोवंश सहभागिता योजना के तहत कुपोषित बच्चों के परिवारों को गो-आश्रय स्थलों से दुधारु गाय भी उपलब्ध कराई जाएगी। गोपालन, गो-आधारित अर्थव्यवस्था, गो-ग्रास के बारे में संवेदनशील बनाया जाएगा।
गोपालन के महत्व, गो-उत्पादों एवं गो-आधारित जैविक कृषि को बढ़ावा देने के संबंध में जनमानस को जागृत किया जाएगा।
उन्होंने पुस्तक के लेखकों संजय, श्याम नंदन, शिवानी मिश्रा, डॉ. पीके त्रिपाठी, डॉ. जयप्रताप सिंह, हेमचन्द्र, स्मिता मिश्रा, संजय तिवारी, उमाशंकर तथा सौरभ मिश्रा को सम्मानित किया। गोसेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम नंदन सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री ने गौशालाओं को अर्थव्यवस्था से जोड़ा है।
सीएम ने कहा कि राज्य सरकार ने 8 लाख से अधिक गोवंश को संरक्षित किया है। संरक्षित गोवंश को अतिकुपोषित परिवारों को देने की व्यवस्था भी की गई है। खुरपका एवं मुंहपका के टीकाकरण का वृह्द अभियान शुरू किया गया है। गाय अर्थव्यवस्था का प्रमुख कारक है।
उत्तर प्रदेश, देश में सर्वाधिक दुग्ध उत्पादन करने वाला राज्य है। प्रदेश सरकार गौ आधारित खेती को प्रोत्साहित कर रही है, जिससे जीरो बजट खेती को एक नई गति मिली है।
गोबर से बन रहे सीएनजी प्लांट
मुख्यमंत्री ने कहा, उज्ज्वला योजना के माध्यम से पात्र परिवारों को निशुल्क गैस कनेक्शन दिए गए हैं। यदि कोई परिवार दो गाय रख ले तो उससे प्राप्त गोबर से ही गैस रिफिलिंग की जा सकती है। गाय के गोबर से सीएनजी प्लांट भी स्थापित किए जा रहे हैं।