रिवर फ्रंट घोटाला हो या खनन घोटाला या फिर यूपीपीएससी जैसे अन्य घोटाले, इनकी जांच केंद्रीय एजेंसी कर रही हो या राज्य की एजेंसी, इनकी आंच पूर्ववर्ती सरकार या उससे पहले की सरकार तक भी पहुंचनी तय है।
सीबीआई फिलहाल रिवर फ्रंट परियोजना में बड़े पैमाने पर हुई अनियमितता की जांच कर रही है। गिरफ्तार पूर्व मुख्य अभियंता व लिपिक को जवाब देना होगा कि किसकी शह पर उन्होंने नियमों की अनदेखी की और जो करोड़ों के वारे-न्यारे हुए उसमें किसका कितना कमीशन था। ऐसे में मामले की आंच विभाग के तत्कालीन मंत्री व अन्य तक पहुंचने का अंदेशा है। वहीं, प्रवर्तन निदेशालय भी अपने स्तर से तथ्य जुटा रहा है।