उत्तर प्रदेश में टीबी रोगियों की खोज के लिए 1 नवंबर से 29 जिलों में एक बार फिर अभियान चलेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 10 दिन तक चलने वाले इस अभियान का शुभारंभ करेंगे। इस दौरान टीबी रोगी बच्चों के लिए नई दवा और गोरखपुर में कल्चर डीएसटी लैब का लोकार्पण किया जाएगा।
स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह ने बुधवार को योजना भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि अभियान के दौरान घर-घर जाकर लोगों की स्क्रीनिंग की जाएगी। यदि लोगों में प्रथम दृष्टया टीबी के कोई लक्षण पाए जाते हैं तो उनकी बलगम की जांच कराई जाएगी। जिससे टीबी की पुष्टि होने पर मरीज का जल्द से जल्द इलाज शुरू कराया जा सके।
दो सप्ताह से अधिक खांसी है तो उसे टीबी की जांच जरूर कराना चाहिए। उन्होंने बताया कि प्रदेश में टीबी से ग्रस्त बच्चों के लिए एक नई दवा डेलामिनिट लॉन्च की जाएगी। यह नई दवा 18 साल से कम उम्र के लिए है। अभी तक सभी उम्र के मरीजों के लिए एक ही दवा थी। नई दवा बच्चों के इलाज के लिए बेहतर साबित होगी।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि लॉक डाउन के दौरान नेपाल से आए एक रोगी सहित अन्य बाहरी 493 टीबी रोगियों को इलाज मुहैया कराया गया। इसके अलावा प्रदेश के 649 उन मरीजों को जो अन्य जिलों में पहुंचे थे, उनको समय से दवा उपलब्ध कराई गई।