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NTPC हादसे में केस न दर्ज होने पर भड़के सीएम योगी, तहरीर न मिलने से कश्मकश में अफसर

Sat, 04 Nov 2017 11:12 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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सीएम योगी आदित्यनाथ - फोटो : amar ujala
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सीएम योगी आदित्यनाथ मॉरीशस से लौटते ही शनिवार को एनटीपीसी ऊंचाहार में बॉयलर विस्फोट के घायलों को देखने पीजीआई, सिविल अस्पताल व ट्रॉमा सेंटर पहुंच गए। उन्होंने डॉक्टरों से घायलों के बारे में जानकारी। साथ ही मामूली रूप से घायल मरीजों से घटना के बारे में पूछताछ की। सीएम ने घायलों के इलाज किसी तरह की लापरवाही न बरतने की हिदायत डॉक्टरों को दी। इस बीच हादसे की एफआईआर न होने पर सीएम ने नाराजगी जताई है।
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मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी शनिवार दोपहर 12:10 बजे मॉरीशस से राजधानी पहुंचे। एयरपोर्ट पर उतरने के बाद सीएम सीधे घायलों को देखने पीजीआई पहुंच गए। उन्होंने वहां भर्ती उमा शंकर, हरिकिशन, श्रीराम, राकेश व किशन से हादसे के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने डॉक्टरों बेहतर इलाज का निर्देश दिए। इससे पहले सीएम ने एनटीपीसी के जीएम राजकुमार से पूरे मामले की जानकारी ली। सीएम ने इस हादसे में अभी तक एफआईआर दर्ज न कराए जाने पर नाराजगी जताते हुए तत्काल रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। सीएम ने कहा घटना के जिम्मेदार लोगों को कतई बख्शा नहीं जाएगा।

पुलिस अफसर बोले, तहरीर ही नहीं मिली कैसे दर्ज करें रिपोर्ट
एनटीपीसी हादसे के तीन दिन बाद भी पुलिस अधिकारी यह तय नहीं कर पाए हैं कि इस मामले में प्राथमिकी दर्ज करनी है या नहीं। यही नहीं अधिकारी इस मामले में आधिकारिक बयान देने से भी बच रहे हैं। उनका कहना है कि जांच चल रही है। रिपोर्ट आने के बाद एफआईआर दर्ज की जाएगी। वहीं, इंस्पेक्टर का कहना है कि मामला हाईप्रोफाइल है। लखनऊ से दिल्ली तक के अधिकारी एनटीपीसी का दौरा कर रहे हैं। अब तक कोई तहरीर नहीं दी गई है तो कैसे मुकदमा दर्ज किया जाए।
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सीएम ने दिलाया, हर संभव मदद का भरोसा

- फोटो : amar ujala
दोपहर करीब एक बजे सीएम योगी घायलों का हाल जानने सिविल अस्पताल पहुंचे। अस्पताल यहां सबसे पहले उन्होंने सीएमएस वार्ड में भर्ती पांच मरीजों से बात कर इलाज की व्यवस्था के बारे में जानकारी ली। इसके बाद बर्न यूनिट में गंभीर रूप से झुलसे (50 प्रतिशत जले सुखदेव व देशराज और 55 प्रतिशत जले रामदेव) तीन मरीजों का हालचाल लिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं पीजीआई में भर्ती मरीजों को देखकर आ रहा हूं। सिविल अस्पताल में भी बड़ी संख्या में घायलों का इलाज हो रहा है। सरकार पीड़ितों हर संभव मदद करने की कोशिश कर रही है। भारत सरकार के ऊर्जा मंत्री स्वयं आए थे उन्होंने सारी चीजें देखी हैं और हर तरह की मद्द का भरोसा दिलाया है। एनटीपीसी पूरे मामले की जांच कर रहा है।

ट्रॉमा सेंटर में घायल राकेश से ली घटनाक्रम की जानकारी
योगी दोपहर करीब 1.25 बजे केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। यहां भर्ती तीन मरीजों का उन्होंने हालचाल लिया। इनमें से दो मरीज गंभीर हालत में थे। सीएम वार्ड के बेड नंबर पांच पर भर्ती सुंदर के पास पहुंचे तो डॉक्टरों ने उसके 90 प्रतिशत जले होने की जानकारी दी। इसके बाद वह मरीज रामबाबू पास पहुंचे।

गंभीर हालत होने के चलते यह दोनों ही मरीज बेसुध हालत में थे। कुलपति ने राम बाबू और सुंदर के दिल्ली शिफ्ट किए जाने की बात सीएम को बताई। इसके बाद सीएम ने पांच प्रतिशत जले मरीज राकेश से पूरी घटना की जानकारी लेते हुए बेहतर इलाज के निर्देश अधिकारियों को दिए।
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सीएम के सिविल पहुंचते ही चाक-चौबंद की गई व्यवस्था

- फोटो : amar ujala
सिविल अस्पताल में भर्ती ऊंचाहार एनटीपीसी हादसे के घायलों व उनके तीमारदारों का खयाल अस्पताल प्रशासन को तब आया जब मुख्यमंत्री शनिवार को खुद इनसे मिलने पहुंच गए। तीन दिन बीत जाने के बाद अस्पताल प्रशासन जहां इनकी सुरक्षा की व्यवस्था में जूट गया। तो वहीं तीमारदारों को भटकना न पड़े इसके लिए हेल्पडेस्क का इंतजाम भी कर दिया गया।

शनिवार सुबह करीब 11:30 मुख्यमंत्री के पहुंचने की सूचना आई तो अस्पताल प्रशासन व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद करने की कवायद में जुट गया। आनन-फानन बर्न वार्ड के बाहर सुरक्षा गार्ड तैनात कर दिए गए।

पूछने पर बताया गया कि मरीजों से मिलने कोई अंदर जाएगा तो उन्हें संक्रमण का खतरा है। इसलिए सुरक्षा जरूरी है। वहीं मरीजों से मिलने आने वाले तीमारदार समेत अन्य व्यवस्था की जानकारी के लिए भी अस्पताल परिसर में एनटीपीसी हेल्प डेस्क तैयार कर लगा दी गई।
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