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मुख्यमंत्री योगी की नसीहत, कहा- मरीजों का पूरी संवेदना के साथ इलाज करें डॉक्टर

Mon, 04 Feb 2019 08:00 PM IST
दुष्यंत शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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- फोटो : amar ujala
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि डॉक्टर पूरी संवेदना के साथ मरीजों का इलाज करें तो आधी बीमारी अपने आप ही दूर हो सकती है। उन्होंने चिकित्सकों से इलाज की गुणवत्ता बढ़ाने पर खास ध्यान देने का आह्वान करते हुए कहा कि सरकार इसके लिए सभी जरूरी संसाधन मुहैया कराएगी। सीएम योगी सोमवार को बलरामपुर अस्पताल के 150वें स्थापना दिवस समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि बलरामपुर अस्पताल की शुरुआत तीन चिकित्सकों से हुई थी। अब यहां 94 चिकित्सक हैं और कई विभाग बन गए हैं। ऐसे में मरीजों का दबाव होने के बाद भी गुणवत्तापरक चिकित्सा सेवा देने की जरूरत है। संसाधन बढ़े, चिकित्सक बढ़े, चिकित्साकर्मी बढ़े तो चिकित्सा की गुणवत्ता भी दिखनी चाहिए। इसके लिए चिकित्सकों एवं चिकित्साकर्मियों को मानवीय संवेदना का ध्यान रखना होगा। मरीजों के साथ मानवीय संवेदना अपनाने से आधी बीमारी दूर हो जाती है बाकी आधी बीमारी दवाओं से ठीक की जा सकती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार संचारी रोग अभियान, मिशन इंद्रधनूष सहित विभिन्न कार्यक्रमों के जरिए चिकित्सा सुविधाएं देने के साथ ही रोग से बचाव की दिशा में काम कर रही है। लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। लेकिन ये सभी सुविधाएं चिकित्साकर्मियों और चिकित्सकों के सहयोग से ही मरीजों को मिलेंगी।

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डॉक्टर डांट दें तो मरीजों का दर्ज हो जाता है दोगुना

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चिकित्सकों एवं चिकित्साकर्मियों को कर्तव्यपरायणता का पाठ भी पढ़ाया। कहा कि ओपीडी में आने वाले मरीज को चिकित्सक मिल जाएं और प्यार से उसका दर्द पूछा लें तो दर्द कम हो जाता है। यदि डॉक्टर डपट कर भगा दे तो तनाव बढ़ता है और यह तनाव रोग को दुगूना कर देता है। मरीजों की दुआओं से अस्पताल और अस्पताल परिवार को तरक्की मिलती है, लेकिन बददुआओं से प्रगति का मार्ग अवरुद्ध हो जाता है।

स्ट्रेचर को लेकर किया ताकीद
बलरामपुर अस्पताल में पिछले दिनों स्ट्रेचर के लिए मरीजों की हुई परेशानी से वाकिफ मुख्यमंत्री ने इशारे-इशारे में ताकीद भी किया। कहा कि अस्पताल आने वाले मरीजों को तत्काल स्ट्रेचर मिलना चाहिए। मरीज को कौन सी बीमारी है और उसका डॉक्टर किस कमरे में मिलेगा। यह भी पूरी मुहब्बत से बताई जाए। ताकि मरीज को किसी तरह की दिक्कत न हो।
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