मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चिकित्सकों एवं चिकित्साकर्मियों को कर्तव्यपरायणता का पाठ भी पढ़ाया। कहा कि ओपीडी में आने वाले मरीज को चिकित्सक मिल जाएं और प्यार से उसका दर्द पूछा लें तो दर्द कम हो जाता है। यदि डॉक्टर डपट कर भगा दे तो तनाव बढ़ता है और यह तनाव रोग को दुगूना कर देता है। मरीजों की दुआओं से अस्पताल और अस्पताल परिवार को तरक्की मिलती है, लेकिन बददुआओं से प्रगति का मार्ग अवरुद्ध हो जाता है।
स्ट्रेचर को लेकर किया ताकीद
बलरामपुर अस्पताल में पिछले दिनों स्ट्रेचर के लिए मरीजों की हुई परेशानी से वाकिफ मुख्यमंत्री ने इशारे-इशारे में ताकीद भी किया। कहा कि अस्पताल आने वाले मरीजों को तत्काल स्ट्रेचर मिलना चाहिए। मरीज को कौन सी बीमारी है और उसका डॉक्टर किस कमरे में मिलेगा। यह भी पूरी मुहब्बत से बताई जाए। ताकि मरीज को किसी तरह की दिक्कत न हो।