राज्यपाल की झलकी पीड़ा, बोले-अखिलेश यादव ने नहीं माना यूपी दिवस मनाने का सुझाव
राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि स्थापना के 68 साल बाद यूपी दिवस मनाया जाना स्वर्णिम अवसर है। यूपी दिवस मनाए जाने से प्रदेशवासियों को गौरव का आत्मबोध होगा।
उन्होंने कहा, मुझे इस बात की बेहद पीड़ा है कि मैंने यूपी दिवस मनाने का सुझाव पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को दिया था, पर उन्होंने इसे नहीं माना। मेरे कार्यभार संभालने के साढ़े तीन साल बाद यह सपना पूरा हो रहा है।
राज्यपाल ने कहा कि देश के 24 राज्य अपना स्थापना दिवस मनाते हैं। मुंबई में पिछले 30 साल से यूपी के मूल निवासी स्थापना दिवस मना रहे हैं। यूपी में भी रंगभारती संस्था के संस्थापक व पत्रकार श्याम कुमार 32 साल से इस दिवस को मनाते आ रहे हैं। उनके पहले कार्यक्रम में प्रख्यात लेखिका महादेवी वर्मा शामिल हुई थीं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में आजादी के बाद सात दशक से पिछड़े और वंचित गांवों को मुख्यमंत्री समग्र ग्राम विकास योजना में विकसित किया जाएगा।
योजना की पुस्तिका के अनावरण समारोह में उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत का दर्जा नहीं मिलने से प्रदेश के 65 गांव सरकारी सुविधाओं से वंचित रहे। पूर्वांचल, बुंदेलखंड और नेपाल सीमा से लगी मुसहर बस्तियों में भी विकास नहीं हुआ।
इन गांवों को मुख्यमंत्री समग्र ग्राम विकास योजना में शामिल कर वहां सड़क, पानी, बिजली, चिकित्सा, शिक्षा की सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में प्रदेश में बहुत अच्छा काम हुआ है। देश की रक्षा के लिए शहीद हुए जवानों के गांवों को योजना शामिल किया जाएगा।
ग्राम्य विकास राज्यमंत्री महेंद्र सिंह ने कहा कि प्रत्येक गांव को सड़क से जोड़ा जाएगा। दस महीने में सरकार ने मनरेगा से भ्रष्टाचार समाप्त कर उसे सच्चे अर्थों में गांव विकास की योजना का रूप दिया है। समारोह को विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने भी संबोधित किया।