योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश की बिगड़ी परिस्थितियों में एक साल किसी सरकार के मूल्यांकन का पर्याप्त समय नहीं होता है। लेकिन उनकी सरकार ने विपरीत परिस्थितियों में पहली ही कैबिनेट में किसानों से कर्जमाफी का वादा पूरा किया। इस तरह एक वर्ष में धान व गेहूं के समर्थन मूल्य, गन्ना बकाये और किसान कर्जमाफी के रूप में उनके खाते में 80 हजार करोड़ रुपये डीबीटी के जरिए भेजे। इसके लिए कोई नया कर नहीं लगाया और न ही किसी वित्तीय संस्थान से कर्ज लिया गया। इस तरह फिजूलखर्ची रोक कर कर्जमाफ करने वाला यूपी देश का पहला राज्य बना।
उन्होंने बताया कि पूरे देश में निवेश के लिए सबसे बेहतर माहौल यूपी में बनाया। एक समय था, जब कोई निवेश आना नहीं चाहता था, अब निवेशकों ने खुद आकर 4.68 लाख करोड़ के एमओयू किए। सामानों की खरीद में पारदर्शिता की पहल की और जैम पोर्टल लागू किया। यही नहीं, पुलिस की कमी के बावजूद कानून-व्यवस्था में आमूल-चूल बदलाव किया। इसमें उन्हें संगठन व मंत्रिमंडल के साथियों के साथ ही आमलोगों का पूरा सहयोग मिला। उनकी सरकार ने जनता के प्रति जवाबदेही के साथ कदम बढ़ाया है। आने वाले दिनों में प्रदेश के विकास का काम तेज होता जाएगा।