मुख्यमंत्री योगी ने निर्देश दिए कि प्रत्येक जनपद में 15,000 से 25,000 क्षमता के क्वारंटीन सेंटर और आश्रय स्थल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। शेल्टर होम में 14 दिन की संस्थागत क्वारंटीन पूरा करने वालों का चिकित्सीय परीक्षण करने के बाद होम क्वारंटीन के लिए घर भेजा जाए। मेडिकल टेस्टिंग के लिए पूल टेस्टिंग व रैंडम टेस्टिंग का उपयोग किया जाए।
जिलाधिकारी एवं मुख्य चिकित्साधिकारी एल-1, एल-2 और एल-3 कोविड चिकित्सालयों, शेल्टर होम व क्वारंटीन सेंटर का निरीक्षण करें। शेल्टर होम व क्वारंटीन सेंटर की फूडिंग लॉजिंग व्यवस्था पर नजर रखी जाए। उन्होंने कहा कि शेल्टर होम को जियो टैग किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एल-1, एल-2 अस्पतालों में ऑक्सीजन की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाए। एल-1 श्रेणी के कोविड अस्पतालों की संख्या में वृद्धि की जाए। एल-3 कोविड अस्पतालों में बेड्स बढ़ाए जाएं। सभी चिकित्सालयों में पीपीई किट और एन-95 मास्क की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
कोविड-19 के रोगियों के उपचार के लिए प्लाज्मा थैरेपी को बढ़ावा दिया जाए। टेस्टिंग क्षमता में वृद्धि की जाए। सभी टेस्टिंग लैब्स में पूल टेस्टिंग की व्यवस्था उपलब्ध करायी जाए। सैंपल लेने वालों को प्रोटोकॉल के अनुरूप प्रशिक्षण प्रदान किया जाए। टेस्टिंग क्षमता में वृद्धि के दृष्टिगत वैश्विक स्तर पर टेक्नोलॉजी प्राप्त करने पर विचार किया जाए।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कोरोना संक्रमण की प्रत्येक चेन को तोड़ना है। मेडिकल इन्फेक्शन को रोकने के लिए सभी स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षित किया जाए। उन्होंने बायो-मेडिकल वेस्ट का उचित निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने कहा कि जनपद स्तर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी नर्सिंग होम के संचालकों और अन्य डॉक्टरों के साथ बैठक करते हुए टेलीमेडिसिन के माध्यम से चिकित्सीय परामर्श उपलब्ध कराने वाले डॉक्टरों की व्यवस्था करें। उन्होंने निर्देश दिए कि दूरभाष पर मरीजों को परामर्श देने वाले डॉक्टरों की सूची का व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में बड़ी मात्रा में भूसा उपलब्ध रहता है। इसके दृष्टिगत निराश्रित गोवंश के लिए गोवंश आश्रय स्थलों पर भूसा बैंक स्थापित किया जाए। प्रवासी श्रमिकों को रोजगार देने की कार्य योजना बनाई जाए। उन्होंने कहा कि निराश्रित व्यक्ति की मृत्यु होने पर शासन द्वारा अनुमन्य राशि से दिवंगत का अंतिम संस्कार कराया जाए।