विकास की दृष्टि से पिछड़े सिद्धार्थनगर, श्रावस्ती, बहराइच, सोनभद्र, चंदौली, फतेहपुर, चित्रकूट और बलरामपुर से भी किसी शिक्षक का अंतरजनपदीय तबादला नहीं किया गया है। जिले के अंदर ही इच्छुक शिक्षकों का तबादला किया जा सकेगा।
तबादला आदेश पर होगा क्यूआर कोड
तबादलों में फर्जी आदेश की आशंका समाप्त करने के लिए प्रदेश में पहली बार तबादला आदेश क्यूआर कोड के साथ जारी किया जाएगा। आवेदनकर्ता अध्यापक विभाग की वेबसाइट पर पैन नंबर तथा बैंक खाता संख्या का प्रयोग करते हुए स्वयं ही देख सकेंगे। साथ ही स्थानांतरण आदेश की प्रति डाउनलोड कर सकेंगे।
दिव्यांगों और गंभीर बीमारी वालों को वरीयता
निदेशक सर्वेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि ऑनलाइन तबादलों में दिव्यांग, असाध्य व गंभीर बीमारी से ग्रसित शिक्षकों और अध्यापिकाओं को वरीयता दी गई है। आवेदन पत्रों के सत्यापन के बाद वेटेज अंक का निर्धारण करते हुए अध्यापकों की सूची सार्वजनिक कर आपत्तियां मांगी गईं। ई-मेल से मिली आपत्तियों का निपटारा जिला स्तर पर गठित कमेटी से कराया गया।
बेसिक शिक्षा विभाग के हजारों शिक्षकों को दो वर्ष से अंतरजनपदीय तबादलों का इंतजार था। प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापकों के 40,766 और प्रधानाध्यापकों के 6,719 पद रिक्त थे। अंतर्जनपदीय स्थानांतरण की प्रक्रिया गत 16 जनवरी से शुरू की गई थी। 15 फरवरी तक 37,396 शिक्षक-शिक्षिकाओं ने ऑनलाइन आवेदन किए। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों के स्तर से काउंसलिंग कर आवेदन पत्रों का सत्यापन किया गया।
31,513 आवेदन पत्र सही पाए गए। प्राथमिक विद्यालयों के 8,918 सहायक अध्यापकों और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के 3045 सहायक अध्यापकों व प्रधानाध्यापकों के ऑनलाइन तबादले किए गए हैं। विभाग को पहली बार ऑनलाइन तबादले की प्रक्रिया पूरी करने में पांच महीने लग गए।
जुलाई के प्रथम सप्ताह तक वितरित करें किताबें और जूते मोजे
मुख्यमंत्री ने बेसिक शिक्षा परिषद के सभी विद्यार्थियों को जुलाई के प्रथम सप्ताह तक किताबें, यूनिफार्म और जूते-मोजे उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही स्कूल खुलने से पहले पूर्व ग्राम पंचायत एवं ग्राम प्रधान के साथ समन्वय कर स्वच्छता अभियान चलाकर पूरे स्कूल की साफ. सफाई कराने के भी निर्देश दिए हैं।