योगी ने कहा कि भारत को सामरिक और आर्थिक महाशक्ति बनाने के लिए ऐसा समाज बनाना होगा, जहां हर व्यक्ति एक-दूसरे पर आश्रित न होकर स्वावलंबी हो। इसलिए बिना भेदभाव के जनसंख्या स्थिरीकरण की ओर बढ़ना होगा। इसका लाभ किसी व्यक्ति, परिवार, जाति या मजहब से न जोड़कर राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में देखना होगा।
इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह, परिवार कल्याण मंत्री रीता बहुगुणा जोशी, राज्यमंत्री डॉ. महेंद्र सिंह, मंत्री स्वाति सिंह, नंद गोपाल नंदी, महापौर संयुक्ता भाटिया, प्रमुख सचिव प्रशांत त्रिवेदी, निदेशक एनएचएम पंकज कुमार, सचिव वी हेकाली झिमोमी, महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य डॉ. पद्माकर सिंह भी मौजूद थे।
छात्र-छात्राओं में दिखा उत्साह
मुख्यमंत्री का भाषण खत्म होते ही भीषण गर्मी के बावजूद उत्साहित छात्र-छात्राएं रैली में बढ़ने लगीं। इनके हाथों में परिवार नियोजन के नारे लिखी तख्तियां थीं। रैली 1090 चौराहे पर जाकर खत्म हुई।
वहीं, मुख्यमंत्री ने 11 से 25 जुलाई तक चलने वाले जनसंख्या स्थिरता पखवाड़े की शुरुआत की। इसके तहत जन जागरूकता बढ़ाने के लिए ‘एक सार्थक कल की शुरुआत, परिवार नियोजन के साथ’ थीम पर प्रचार-प्रसार किया जाएगा। लाभार्थियों को उनकी पसंद के गर्भ निरोधक संसाधन मुहैया कराए जाएंगे। जिला स्तर पर स्वास्थ्य मेले का आयोजन भी किया जाएगा।