मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछली सरकारों ने नौकरशाही को सर्कस का शेर बना दिया। इनकी निर्णय लेने की क्षमता और विवेक को समाप्त कर दिया। अब अफसरों को विवेकपूर्ण फैसले करने की आदत डालनी ही होगी। सहारनपुर की घटना बानगी है। डीएम और एसएसपी ने मूर्खतापूर्ण काम किया। जातीय विद्वेष से झुलस रहे सहारनपुर में मायावती को जाने की इजाजत दी।
पता चलते ही दोनों अधिकारियों को नाप (निलंबित) दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अपराधियों की कमर तोड़ने के लिए सरकार नया कानून बनाने पर काम कर रही है। बुधवार को एक न्यूज चैनल के साथ साक्षात्कार में मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्षों से बिगड़ी कानून-व्यवस्था को सुधारने में वक्त लगेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा 15 वर्षों में प्रदेश की कार्यसंस्कृति को नष्ट कर दिया गया। एक विशेष पार्टी ने पूरी व्यवस्था को खराब कर दिया। इस कारण प्रदेश में तमाम समस्याएं पैदा हुईं। सहारनपुर घटना के पीछे राजनीतिक षड्यंत्र था। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कई ऐसे जिले हैं जहां के लोगों को विकास का मतलब ही नहीं पता है। इसके लिए 15 वर्षों के दौरान प्रदेश की सत्ता संभालने वाले ही दोषी हैं।
अफसरों को काम तो करना ही पड़ेगा
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योगी ने कहा कि अगर अधिकारी अपने काम के लिए जवाबदेह नहीं हैं तो उसका परिणाम उन्हें भुगतना ही होगा। योगी ने कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री के रूप में किसी अधिकारी या व्यक्ति को नहीं देखना है। प्रदेश के 22 करोड़ लोगों को देखना है। उन्होंने कहा कि अवैध कामों की इजाजत किसी कीमत पर नहीं मिलेगी।
जेवर की वारदात दुर्भाग्यपूर्ण
योगी बोले, सरकार की सख्ती से अराजक तत्व परेशान हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी निर्दोष को छेड़ेंगे नहीं, लेकिन दोषी को छोड़ा भी नहीं जाएगा। कहा कि सबसे दुर्भाग्यपूर्ण घटना जेवर की थी। इसके आरोपी सरकार के राडार पर हैं। किसी को बख्शा नहीं जाएगा।
अवैध खनन के कारण हुई है सहारनपुर की घटना
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मुख्यमंत्री ने कहा कि सहारनपुर हिंसा की पृष्ठभूमि में भी अवैध खनन में लिप्त लोग हैं। इन्हें रोका गया तो इन लोगों ने मुद्दे को बदलने के लिए हिंसा को बढ़ावा देने के लिए आर्थिक सहायता दी।
सहारनपुर में जो कुछ हुआ उसके मुख्य साजिशकर्ता को प्रशासन ने गिरफ्तार कर लिया है। कोई भी दोषी बचने नहीं पाएगा। मुजफ्फरनगर में तीन-चार घटनाएं सामने आईं। उन पर भी नजर है। सरकार की सख्ती और साख का प्रमाण सौ दिन के भीतर प्रदेश में एक भी सांप्रदायिक दंगा न होना है।
हिंदू युवा वाहिनी पर भी सख्ती
सीएम ने कहा कि कानून-व्यवस्था को खराब करने की साजिश हो रही है। इसलिए अपराधियों की कमर तोड़ने के लिए नया कानून बनाने की तैयारी चल रही है। हिंदू युवा वाहिनी के बारे में बात करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोई भी कानून को हाथ में लेगा, उस पर कार्रवाई होगी। वह चाहे हिंदू युवा वाहिनी हो या कोई और।
पुलिस को कठोर कदम उठाने को कहा गया है ताकि कोई कानून से खिलवाड़ करने की हिम्मत न कर सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि एंटी रोमियो स्क्वॉयड का गठन पूरी तरह उचित है।
मुस्लिम समुदाय की महिलाओं की मदद करना तुष्टिकरण नहीं
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एक सवाल पर योगी ने कहा कि भाजपा और उनकी सरकार तुष्टीकरण की राजनीति नहीं करती। अगर सबसे ज्यादा तलाकशुदा पीड़ित महिलाएं मुस्लिम समाज से ही सामने आ रही हैं, सरकार से मदद मांग रही हैं, सरकार कार्रवाई कर रही है, महिलाओं की मदद कर रही है, तो इसमें गलत क्या है।
रानी लक्ष्मी बाई योजना के तहत तलाकशुदा और विधवा महिलाओं की मदद की जाती है। इसमें कोई तुष्टीकरण नहीं है। यह आधी आबादी से जुड़े लोगों के संरक्षण का मामला है। इस पर कोई विवाद नहीं होना चाहिए।
स्कूलों को गोद लेंगे सांसद-विधायक
योगी बोले, सांसदों, विधायकों से कहा गया है कि कम से कम एक विद्यालय को गोद लें जिससे उसे मॉडल स्कूल के तौर पर विकसित किया जा सके। अगले वर्ष से पाठ्यक्रम में बदलाव की दिशा में काम चल रहा है। एक कमेटी बना दी गई है।
रिपोर्ट आने के बाद उसे लागू किया जाएगा। हर विद्यालय में अभिभावकों की एक कमेटी बनाई गई है, जो बच्चों की उपस्थिति सुनिश्चित करेगी।