सीएम ने निर्देश दिए कि कोई भी व्यक्ति पैदल, साइकिल या बाइक से यात्रा न करे। ऐसे लोग जहां भी मिलें, उन्हें वहीं रोककर उनका नाम, पता दर्ज करते हुए मेडिकल चेकअप के बाद उनके जिले में भेजने की व्यवस्था की जाए।
उन्होंने प्रवासी कामगारों, श्रमिकों के साथ सम्मानजनक व्यवहार किए जाने तथा क्वारंटीन सेंटर में साफ-सफाई के बेहतर प्रबंध करने के निर्देश दिए। कहा कि कम्युनिटी किचन व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जाए। होम क्वारंटीन के लिए घर भेजे जाने वाले प्रवासी कामगारों, श्रमिकों को राशन किट उपलब्ध कराई जाए। निराश्रित लोगों को राशन किट के साथ एक-एक हजार रुपये भरण-पोषण भत्ता भी दिया जाए।
गांवों-नगरों में बाहरी लोग आएं तो सूचित करें
मुख्यमंत्री ने सभी ग्राम पंचायतों और नगर निकायों के वार्डों में निगरानी समितियां गठित करने के निर्देश दिए। कोई भी बाहरी व्यक्ति यदि चोरी-छिपे उनके क्षेत्र में आए तो निगरानी समितियां प्रशासन को सूचित करें। किसी भी स्थिति में कोई भी व्यक्ति अवैध रूप से न आने पाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में रहने वाले प्रवासी श्रमिकों को उनकी सहमति से उनके गृह राज्यों को भेजा जा रहा है। उन्होंने ऐसे प्रवासी श्रमिकों की जिलावार सूची तैयार करने के निर्देश दिए। कहा कि प्रदेश से नेपाल के जो लोग वापस जाना चाहते हैं, उनकी वापसी की व्यवस्था की जाए। जो यहां रुकना चाहते हैं, उनके लिए आवश्यक प्रबंध किए जाएं।
कोविड व नॉन कोविड अस्पतालों में अलग-अलग प्रभारी बनाएं
सीएम ने कहा कि मेडिकल कॉलेजों की गतिविधियों को और प्रभावी बनाया जाए। सभी कोविड एवं नॉन कोविड अस्पतालों के लिए अलग-अलग प्रभारी नामित किए जाएं। पीपीई किट, एन-95 मास्क, सैनिटाइजर सहित सभी सुरक्षा सामग्री की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। डॉक्टरों सहित सभी चिकित्साकर्मियों की संक्रमण से बचाव की ट्रेनिंग जारी रखी जाए।