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यूपी में हुआ तीन लाख करोड़ का निवेश, 37 लाख युवाओं को देंगे रोजगार: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

Thu, 12 Mar 2020 09:20 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। - फोटो : amar ujala
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर एक-एक आरोग्य मित्र की तैनाती की जाएगी। ये सरकार की ओर से चलाई जा रही स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी लोगों को देंगे।

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उन्होंने कहा कि जीवन में आने वाली चुनौतियों को अवसर में बदलने वाला ही आगे बढ़ता है। यह प्रवृत्ति हमारे युवाओं और प्रदेश के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। युवाओं में ऐसी सोच पैदा करना ही कौशल विकास मिशन का उद्देश्य है। मुख्यमंत्री ने ये बातें लोकभवन में बृहस्पतिवार को व्यवसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास और श्रम एवं सेवा योजन विभाग की ओर से आयोजित ‘कौशल सतरंग’ कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि कहीं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में तीन लाख करोड़ रुपये का निवेश हो चुका है। इसके जरिए हम 37 लाख युवाओं को रोजगार देंगे। उन्होंने युवाओं से सकारात्मक दृष्टिकोण रखने पर पर भी जोर दिया।
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उन्होंने कहा कि ‘कौशल सतरंग’ के सात घटकों को एक साथ मिलाकर आयोजित किया गया यह कार्यक्रम सराहनीय है। प्रदेश के लोगों का स्वास्थ्य ठीक रखने के लिए आरोग्य मेलों की शुरुआत की गई है। अब तक के 6 आरोग्य मेलों में 27 लाख लोगों को इलाज की सुविधा मिल चुकी है।

ओडीओपी को देश में मिली मान्यता
योगी ने कहा कि एक जिला-एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना के जरिए हमारी सरकार ने आम लोगों को आगे बढ़ाने का रास्ता खोजा। इसके जरिए महज एक वर्ष में 5 लाख युवाओं को रोजगार मिला है। इसके लागू होने से यूपी देश का सबसे बड़ा निर्यातक राज्य बन चुका है। ओडीओपी ने देश-दुनिया में ऐसी धूम मचाई है कि इस बार के केंद्रीय बजट में भी सभी प्रदेशों के लिए इस योजना के तहत बजट की व्यवस्था की गई। माटीकला बोर्ड के जरिए कुम्हारों को रोजगार मिलने के साथ ही उनके जीवन में व्यापक बदलाव आया है। सीएम उद्यमिता युवा हब के तहत 30 हजार से अधिक स्टार्टअप शुरू होंगे।

मास्क लगाकर छात्र-छात्राओं ने कार्यक्रम में लिया हिस्सा

छात्र-छात्राओं ने मास्क पहनकर कार्यक्रम में हिस्सा लिया। - फोटो : amar ujala
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में भाग लेने वाले छात्र-छात्राओं ने कार्यक्रम में मास्क लगाकर हिस्सा लिया। बता दें कि कोरोना वायरस को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट करने के साथ ही सावधानियां बरतने के आदेश दिए थे। जिसे ध्यान में रखते हुए छात्र-छात्राएं मास्क पहनकर कार्यक्रम में शामिल हुए।

जीरो बजट खेती को दें बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि निराश्रित गोवंश की देखभाल करने वाले किसानों को हमारी सरकार 900 रुपये प्रति गोवंश प्रतिमाह दे रही है। गोवंश के संरक्षण और संवर्धन के जरिए जीरो बजट खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। गोबर और गोमूत्र से बने उत्पादों की ब्रांडिंग की जरूरत है। इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

सीएम युवा हब योजना के जरिए प्रदेश के हर जिले में युवाओं को रोजगार के साथ-साथ उद्यम से जोड़ा जाएगा। सीएम अप्रेंटिसशिप प्रमोशन स्कीम के तहत युवाओं को हर महीने 2500 रुपये मिलेंगे। उन्होंने तहसील स्तर पर आयोजित होने वाले कौशल विकास पखवाड़ा में जनप्रतिनिधियों से भी हिस्सा लेने की अपील की।

परंपरागत उद्योगों की उपेक्षा से पिछड़ा यूपी

योगी ने कहा कि 2015-2016 में देश की प्रति व्यक्ति आय 1.20 लाख रुपये सालाना थी, जबकि यूपी में प्रति व्यक्ति आय इसकी एक तिहाई 42 हजार रुपये थी। आजादी मिलने के वक्त प्रति व्यक्ति आय के लिहाज से यूपी कहीं आगे था। 65-70 वर्षों में प्रदेश इतना क्यों पिछड़ गया, यह हम सबके लिए चिंता का विषय था। उन्होंने कहा कि इसके पीछे की मुख्य वजह यूपी के परंपरागत उद्योग धंधों की तरफ बिल्कुल भी ध्यान न देना था। इसके लिए पूरी तरह से शासन-प्रशासन ही जिम्मेदार कहा जाएगा।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवाओं में भरपूर प्रतिभा है, जरूरत है उन्हें सही दिशा देने की। जिला और तहसील स्तर पर युवाओं के रोजगार और स्वरोजगार के कार्यक्रम होने चाहिए। ‘कौशल सतरंग’ युवाओं के जीवन के रंग में और निखार लाएगा। उन्हें नई दिशा मिलेगी और इससे रोजगार के अपार अवसर मिलेंगे।

कौशल सतरंग के सातों घटकों का किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में ‘कौशल सतरंग’ के सात घटकों का शुभारंभ किया। पहला घटक सीएम युवा हब (मुख्यमंत्री युवा उद्यमिता विकास अभियान), दूसरा सीएम एप्स (मुख्यमंत्री अप्रेंटिसशिप प्रमोशन स्कीम), तीसरा जिला कौशल विकास योजना (डीएसडीपी), चौथा कौशल पखवाड़े का आयोजन, पांचवां आईआईटी-कानपुर, छठा घटक आईआईएम-लखनऊ, सातवां घटक बेसिक शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग और पशुपालन विभाग के साथ एमओयू का आदान-प्रदान किया गया।

इसके अलावा रिकग्नीशन ऑफ  प्रायर लर्निंग (आरपीएल), प्लेसमेंट एजेंसीज और रोजगार मेलों के आयोजन का शुभारंभ किया गया। प्रत्येक जिले को कौशल विकास योजना के तहत कार्यक्रम कराने के लिए दो लाख रुपये डिजिटली ट्रांसफर किए गए। सीएम ने कहा कि कौशल विकास के तहत 2.37 लाख शिल्पकारों को प्रमाणपत्र उपलब्ध कराए जा चुके हैं।

मंत्रियों की थपथपाई पीठ
सीएम ने अच्छा काम करने के लिए श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य, कौशल विकास राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल और इन विभागों के प्रमुख सचिव सुरेश चंद्रा और एस राधा चौहान की पीठ थपथपाई।

आउटसोर्सिंग से नहीं, जैम पोर्टल से होंगी भर्तियां : स्वामी प्रसाद

श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि अब प्रदेश में भर्तियां आउटसोर्सिंग की जगह जैम पोर्टल के माध्यम से की जाएंगी। संविदा भर्तियां पूरी पारदर्शिता के साथ होंगी। नियोजक को समय से मानदेय देने के साथ ही पीएफ की राशि भी जमा करनी होगी। इसकी सूचना सेवायोजन विभाग के पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। यह निर्णय आउटसोर्सिंग के माध्यम से रखे जा रहे लोगों के शोषण के मामले सामने आने पर लिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि तीन साल में 15 लाख लोगों को सरकारी और निजी क्षेत्र में नौकरियां दी गई हैं। पूर्ववर्ती सरकार में यह प्रक्रिया एकदम ठप थी। अब तक 8.5 लाख लोगों की कॅरिअर काउंसलिंग कराई जा चुकी है। 30 मार्च तक कई अन्य स्थानों पर रोजगार मेले लगवाकर 25-30 हजार युवाओं को नौकरियां दिलवाएंगे।

कौशल विकास राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश सरकार दीनदयाल उपाध्याय के सपनों को साकार करने का काम कर रही है। प्रमुख सचिव, श्रम सुरेश चंद्रा ने आभार व्यक्त किया। इस दौरान मुख्य सचिव आरके तिवारी समेत सभी प्रमुख अफसर मौजूद रहे।
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रोजगार पाने वाले सम्मानित, प्लेसमेंट के लिए एमओयू

रोजगार पाने वाले बाराबंकी के युवा उपेंद्र कुमार, लखनऊ के अतुल शर्मा और कानपुर के जितेंद्र कुमार ने भी अनुभव साझा किए। थारू, मुसहर और वनटांगिया युवाओं के लिए आरपीएल (रिकग्नीशन ऑफ प्रॉयर लर्निंग) के तहत प्रमाणपत्र दिए गए। दीनदयाल कौशल विकास योजना और प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्त करने वालों को ऑफर लेटर दिए गए। मुख्यमंत्री अप्रेंटिसशिप प्रमोशन स्कीम के तहत पांच प्रशिक्षुओं को नियुक्ति पत्र भी दिए गए। आईआईएम, लखनऊ, आईआईटी कानपुर और तीन प्लेसमेंट एजेंसियों के साथ एमओयू भी साइन किए गए।
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