मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने झांसी मेडिकल कॉलेज में पैर कटने वाली घटना के पीड़ित घनश्याम को दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। ये सहायता मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से दी जाएगी। उन्होंने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा रजनीश दुबे से 12 मार्च को पूरी घटना में हुई कार्रवाई की रिपोर्ट तलब की है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने झांसी के रानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में हुई घटना पर दु:ख व्यक्त किया है। उन्होंने डॉक्टरों और नर्सों की लापरवाही को गंभीर मामला बताया और निर्देश दिए कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
गौरतलब है कि झांसी के मऊरानीपुर क्षेत्र के बम्हौरी व खिलासा के बीच स्कूली बच्चों की बस पलट गई थी। इसमें छह बच्चे घायल हुए थे और बस के क्लीनर 25 वर्षीय घनश्याम का पैर घुटने के नीचे से कटकर अलग हो गया था।
उसे इलाज के लिए झांसी मेडिकल कॉलेज ले जाया गया था। जहां डॉक्टरों ने उसके कटे पैर को ही सिर के नीचे तकिए की तरह रख दिया। ये मामला मीडिया में पहुंचा तो आनन फानन में प्रदेश सरकार के चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन के निर्देश पर दो डॉक्टरों और दो नर्सों को तत्काल सस्पेंड कर दिया गया था। साथ ही डॉक्टर ऑन कॉल ऑर्थोपैडिक विभाग के शिक्षक को चार्जशीट दी गई थी।