यशवंतपुर एक्सप्रेस बीते सोमवार को दो हिस्सों में बंट गई। इंजन बोगियों को पीछे छोड़ते हुए करीब दो सौ मीटर तक निकल गया। ड्राइवर को जानकारी मिली तो आनन-फानन वह इंजन को रिवर्स कर पीछे ले गया और बोगियों से जोड़ा। इससे ट्रेन करीब पौन घंटे लेट हो गई।
बोगियां कट जाने से यात्रियों में हड़कम्प मच गया। रेलवे अधिकारियों की मानें तो कपलर खुलने की वजह से इंजन बोगियों से अलग हो गया था।
यशवंतपुर से गोरखपुर जा रही यशवंतपुर-गोरखपुर एक्सप्रेस बीते सोमवार दोपहर जब ऐशबाग रेलवे स्टेशन से गुजरी तो अचानक इंजन बोगियों से अलग हो गया। चूंकि, ट्रेन रफ्तार में थी, इसलिए बोगियों में बैठे यात्रियों के हाथ-पांव फूल गए।
थोड़ी देर बात जब डिब्बों की गति थमने लगी तो यात्रियों की सांस में सांस आई। उधर, यात्रियों ने स्टेशन प्रशासन को ट्रेन के दो हिस्सों में बंट जाने की बात बताई, जिसके बाद रेलवे अधिकारियों को सूचित किया गया। हालांकि, ट्रेन का इंजन महज दो सौ मीटर आगे ही निकला होगा कि लोको पायलट को इसकी जानकारी मिल गई।
इमरजेंसी ब्रेक लगाते हुए ड्राइवर ने सूझबूझ दिखाई और इंजन को रिवर्स कर बोगियों तक ले गया। ड्राइवर ने खुले हुए कपलर को दोबारा बोगियों से जोड़ा। तसल्ली की और फिर ट्रेन को धीमी गति से आगे बढ़ाया। रेलवे अधिकारियों ने स्टेशन पर पहुंचकर ड्राइवर की सूझबूझ की तारीफ की। इतना ही नहीं स्टेशन प्रशासन ने बताया कि कपलर खुलने से इंजन अलग हो गया था।