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राजू श्रीवास्तव, अरुणिमा सहित 46 विभूतियों को यशभारती सम्मान

Mon, 21 Mar 2016 11:47 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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समारोह का एक दृश्य - फोटो : amar ujala
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोमवार को प्रसिद्ध साहित्यकार अनवर जलालपुरी व एक पैर से माउंट एवरेस्ट फतह करने वाली पद्मश्री अरुणिमा सिन्हा समेत 46 विभूतियों को सूबे के सर्वोच्च नागरिक सम्मान यश भारती से नवाजा।
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सर्वाधिक गीत लिखकर लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराने वाले समीर अनजान और गंगा के तेज प्रवाह में डूब रहे दो बच्चों की जान बचाने वाली बालिका अंजलि मिश्रा को ‘अहिल्याबाई होल्कर’ सम्मान प्रदान किया गया।

डॉ. राम मनोहर लोहिया विधि विश्वविद्यालय के डॉ. अंबेडकर सभागार में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने यशभारती सम्मान पाने वालों को 11 लाख रुपये, प्रशस्ति पत्र और शॉल भेंट की। अहिल्याबाई होल्कर सम्मान पाने वालों को पांच लाख रुपये और प्रशस्ति पत्र दिए गए।
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विभूतियों के सम्मान से बदलेगी यूपी को लेकर सोच

कवि अशोक चक्रधर के साथ मुलायम ‌सिंह यादव - फोटो : amar ujala
डॉ. राम मनोहर लोहिया विधि विश्वविद्यालय के डॉ. अंबेडकर सभागार में सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव की मौजूदगी में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा, कि जिन विभूतियों का सम्मान किया जा रहा है उन्होंने प्रदेश और देश का नाम ऊंचा किया।

कई क्षेत्रों में वे सर्वश्रेष्ठ हैं। यशभारती सम्मान की शुरुआत नेताजी (मुलायम सिंह यादव) ने की थी। उन्होंने ढूंढ़-ढूंढ़कर विभूतियों को सम्मानित किया। हम उसी परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। बसपा शासन का जिक्र किए बगैर कहा कि एक समय ऐसा भी आया कि ये पुरस्कार रोक दिए गए। हमने न केवल यशभारती, बल्कि दूसरे पुरस्कार भी शुरू किए।

अखिलेश ने कहा कि यशभारती से करोड़ों लोगों में संदेश जाएगा कि प्रदेश में इतनी बड़ी विभूतियां हैं। कभी-कभी यूपी का नाम दूसरी (नकारात्मक) सोच के साथ लिया जाता है। विभूतियों के सम्मान से इस सोच में बदलाव आएगा।

उन्होंने कहा, हम सड़कें बनाने समेत प्रदेश के लोगों को तमाम सुविधाएं दे रहे हैं। किसानों, गरीबों को सहूलियतें दे रहे हैं। नेताजी ने जो घोषणापत्र तैयार किया था, हमने उसे लागू किया है, प्रदेश को आगे ले जाने का काम किया है।

मुलायम बोले, समाज की सेवा का सम्मान मिलना चाहिए

अखिलेश व मुलायम - फोटो : amar ujala
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने कहा कि कवि, साहित्यकार समाज के बारे में सोचते हैं। उनसे प्रेरणा मिलती है। इसलिए उनका सम्मान जरूरी है।

यशभारती सम्मान समारोह में संबोधन के दौरान सपा मुखिया ने खुशी जताई कि यशभारती सम्मान के लिए विद्वानों, साहित्यकारों, कवियों और कई क्षेत्रों के विशिष्ट लोगों को चुना गया है।

उन्होंने कहा, मुझे मशहूर उपन्यासकार प्रेमचंद के गांव जाने का मौका मिला। उनका घर टूटा-फूटा था। इसे देखकर मुझे अफसोस हुआ। तभी हमने फैसला लिया था कि कोई ऐसा काम करेंगे जिससे साहित्यकारों, लेखकों, विद्वानों और विभिन्न क्षेत्र के अग्रणी लोगों का सम्मान हो सके। यशभारती सम्मान मैंने शुरू किया था जो धीरे-धीरे बहुत बड़ा हो गया है।
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अच्छे व ईमानदार अधिकारियों को भी मिले सम्मान

मुलायम ‌सिंह यादव - फोटो : amar ujala
मुलायम ने कहा कि अच्छे और ईमानदार अधिकारी यशभारती की सूची में नहीं आ पाए। अधिकारियों को सम्मानित करना चाहिए। यदि कोई योग्य व्यक्ति सम्मान से वंचित रह गया है तो उसे दुबारा पुरस्कृत कर सकते हैं।

उन्होंने कार्यक्रम के आयोजन और यशभारती की सूची तैयार करने वाले अधिकारियों की तारीफ की। मुख्यमंत्री की प्रमुख सचिव अनिता सिंह को खास तौर पर सराहा।

लखनऊ जैसे पार्क देश में कहीं नहीं
मुलायम ने कांग्रेस व केंद्र सरकार की तरफ इशारा करते हुए कहा, जब हम लोहिया के नाम पर विधि विश्वविद्यालय बना रहे थे तो बहुत से लोगों ने सहमति नहीं दी थी।

हमने कहा, विश्वविद्यालय का नाम लोहिया के नाम पर ही होगा। पहले शहर में रवींद्रालय के अलावा कोई अच्छा ऑडिटोरियम नहीं था। अब तो कई हो गए हैं।

हमने लोहिया और जयप्रकाश के नाम पर पार्क बनाए। अखिलेश सरकार ने जनेश्वर मिश्र के नाम पर राजधानी में बड़ा पार्क बनाया है। इतने पार्क दूसरे किसी राज्य की राजधानी में नहीं हैं।
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