पेंशन के लिए आए आवेदनों का परीक्षण करने के लिए 5 सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। इसके अध्यक्ष निदेशक संस्कृति होंगे और अपर निदेशक संस्कृति निदेशालय, वित्त नियंत्रक संस्कृति निदेशालय, संयुक्त निदेशक संस्कृति निदेशालय और इस योजना का काम देख रहे उप निदेशक या संयुक्त निदेशक समिति के सदस्य होंगे। इस समिति की संस्तुति शासन को भेजी स्वीकृति के लिए भेजी जाएंगी।
नियमावली के अनुसार शासन द्वारा स्वीकृत पेंशन किसी भी समय, कोई भी कारण बताए बिना या नोटिस दिए बगैर निरस्त की सकती है। इसके अलावा अनैतिक व आपराधिक दोष के कारण, किसी भी जुर्म में दंडित होने या गलत सूचना देने पर भी पेंशन रोकी जा सकती है। नियमावली में संशोधन के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया गया है।