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अखिलेश यादव की योजना पर सीएम योगी ने चलायी कैंची, आधी हुई यश भारती पेंशन

Sat, 21 Jul 2018 09:59 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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Yash Bharti Award
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राज्य सरकार यशभारती व पद्म सम्मान पाने वालों को अब 25 हजार रुपये मासिक पेंशन देगी। पहले यह राशि 50 हजार रुपये महीना थी। सरकारी सेवकों, सरकार के पेंशनरों और आयकरदाताओं को इस पेंशन का लाभ नहीं मिलेगा। प्रदेश सरकार ने समाजवादी पार्टी की सरकार में यशभारती व पद्म सम्मान पाने वालों को पेंशन देने के लिए बनी नियमावली में संशोधन कर दिया है।  यह तत्काल प्रभाव से लागू होगी।

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अखिलेश यादव सरकार में उत्तर प्रदेश के यशभारती एवं पद्म सम्मान से सम्मानित लोगों के लिए मासिक पेंशन नियमावली-2015 जारी की गई थी। योगी आदित्यनाथ सरकार ने शुक्रवार को इसमें बदलाव करते हुए उ.प्र. के यशभारती एवं पद्म सम्मान से सम्मानित महानुभावों के लिए मासिक पेंशन नियमावली-2018 जारी कर दी।

प्रमुख सचिव संस्कृति जितेन्द्र कुमार की ओर से जारी नियावली के अनुसार यशभारती एवं पद्म पुरस्कारों से सम्मानित ऐसे लोग पेंशन के पात्र माने जाएंगे जो सरकारी पेंशन न ले रहे हों, सरकारी सेवा में कार्यरत न हों या आयकरदाता न हों।
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उनकी जन्मभूमि एवं कर्मभूमि उत्तर प्रदेश होनी चाहिए। पात्र लोगों को जीवन भर प्रतिमाह 25 हजार रुपये पेंशन दी जाएगी। पेंशनर को वित्तीय वर्ष के प्रारंभ में जीवित होने का प्रमाणपत्र देना होगा। प्रमाणपत्र देने के बाद ही पेंशन जारी होगी। पेंशन की स्वीकृति के लिए निर्धारित प्रारूप पर निदेशक संस्कृति को आवेदन देना होगा।

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5 सदस्यीय कमेटी मंजूर करेगी पेंशन

पेंशन के लिए आए आवेदनों का परीक्षण करने के लिए 5 सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। इसके अध्यक्ष निदेशक संस्कृति होंगे और अपर निदेशक संस्कृति निदेशालय, वित्त नियंत्रक संस्कृति निदेशालय, संयुक्त निदेशक संस्कृति निदेशालय और इस योजना का काम देख रहे उप निदेशक या संयुक्त निदेशक समिति के सदस्य होंगे। इस समिति की संस्तुति शासन को भेजी स्वीकृति के लिए भेजी जाएंगी।
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नोटिस दिए बिना निरस्त हो सकती है पेंशन

नियमावली के अनुसार शासन द्वारा स्वीकृत पेंशन किसी भी समय, कोई भी कारण बताए बिना या नोटिस दिए बगैर निरस्त की सकती है। इसके अलावा अनैतिक व आपराधिक दोष के कारण, किसी भी जुर्म में दंडित होने या गलत सूचना देने पर भी पेंशन रोकी जा सकती है। नियमावली में संशोधन के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया गया है।
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