प्रदेश सरकार ने जेवर एयरपोर्ट के लिए स्पेशल परपज व्हीकल के रूप में युमना इंटरनेशनल एयरयपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड का गठन किया है। एशिया के दूसरे सबसे बड़े इंटरनेशनल जेवर एयरपोर्ट को विकसित करने के लिए तेजी के साथ शुरू हुआ है। मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव शशिप्रकाश गोयल ने शुक्रवार सुबह ट्वीट कर जेवर एयरपोर्ट के लिए एसपीवी गठन की जानकारी साझा की।
युमना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड में प्रदेश सरकार के दो और विकासकर्ता ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी के तीन प्रतिनिधि हैं। प्रदेश सरकार ने नागरिक उड्डयन विभाग के निदेशक सुरेंद्र सिंह और नायल के सीईओ अरुण वीर सिंह को प्रतिनिधि नियुक्त किया है। एसपीवी जेवर एयरपोर्ट के निर्माण की निगरानी करेगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर समयबद्ध काम करते हुए विभाग ने एसपीवी गठन के बाद पर्यावरण क्लीयरेंस प्राप्त करने की कार्यवाही शुरू की है। 28 जनवरी को केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय में जेवर एयरपोर्ट की पर्यावरण क्लीयरेंस को लेकर उच्च स्तरीय बैठक प्रस्तावित है। इसमें निदेशक सुरेंद्र सिंह प्रदेश सरकार की ओर से शामिल होंगे। इसी बैठक में क्लीयरेंस मिलने की संभावना है। सरकार ने दो रन-वे के एयरपोर्ट को छह रन-वे में विस्तार की कार्यवाही भी शुरू की है।
प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि जेवर एयरपोर्ट चीन को पीछे छोड़ एशिया का दूसरा सबसे बड़ा एयरपोर्ट होगा। इससे यूपी की अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार मिलने के साथ प्रदेश में रोजगार और व्यापार भी बढ़ेगा। इस एयरपोर्ट से नोएडाए ग्रेटर नोएडाए गाजियाबाद और यमुना एक्सप्रेसवे के करीब एक लाख करोड़ रुपए का निवेश आएगा।
उल्लेखनीय है कि अभी चीन का शंघाई प्रांत का इंटरनेशनल एयरपोर्ट एशिया का दूसरा सबसे बड़ा एयरपोर्ट है। शंघाई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लगभग 3988 हेक्टेयर में फैला है। जबकि दुनिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट सऊदी अरब में है। दामम के किंग फ हद इंटरनेशनल एयरपोर्ट 77,600 हेक्टेयर जमीन पर बना है। इसके बाद अमेरिका के डेंवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नंबर आता है, जो 13,571 हेक्टेयर जमीन पर बना है। तीसरे नंबर पर अमेरिका का ही डलास इंटरनेशनल एयरपोर्ट है जो 6,963 हेक्टेयर जमीन पर फैला हुआ है। चौथे और पांचवें नंबर पर अमेरिका के ही ओरलैंडो इंटरनेशनल एयरपोर्ट और वाशिंगटन ड्यूलेस इंटरनेशनल एयरपोर्ट हैं जो क्रमश: 5,383 और 4,856 हेक्टेयर जमीन पर बने हुए हैं।