ग्रेटर नोएडा में एक बड़े बिल्डर की आवासीय योजना के लिए बिजली कनेक्शन जारी करने में अनियमितता पर तत्कालीन अधिशासी अभियंता लाल सिंह राकेश व सहायक अभियंता अजय कुमार को बर्खास्त कर दिया गया है। इनके अलावा तीन अन्य की वेतन वृद्धि रोकी गई है। पावर कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष एम. देवराज ने शुक्रवार को इसके आदेश जारी कर दिए। लाल सिंह राकेश अभी चित्रकूट तथा अजय कुमार कौशांबी में तैनात हैं।
इन अभियंताओं पर वर्ष 2017 में आवासीय योजना को 5200 केवीए का विद्युत भार अनियमित रूप से जारी करके पावर कॉर्पोरेशन को वित्तीय क्षति पहुंचाने तथा उपभोक्ता को अनुचित लाभ पहुंचाने का आरोप है। इसकी जांच के लिए पिछले साल नवंबर में कॉर्पोरेशन ने मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के एमडी सूर्यपाल गंगवार तथा निदेशक (वित्त) महेश चंद्र पाल की दो सदस्यीय समिति बनाई थी। समिति की रिपोर्ट में निजी बिल्डर को अनुचित लाभ पहुंचाने व कदाचरण की पुष्टि होने पर यह कार्रवाई हुई।
इस मामले में तत्कालीन अधिशासी अभियंता प्रभात कुमार सिंह को परिनिंदा प्रविष्टि के साथ एक वार्षिक वेतन वृद्धि पर रोक, तत्कालीन अधिशासी अभियंता (ट्रांसमिशन) प्रवीण कुमार को दो वार्षिक वेतन वृद्धि पर रोक तथा तत्कालीन उपखंड अधिकारी चंद्रवीर को एक वार्षिक वेतन वृद्धि पर रोक का दंड दिया गया है। इसी मामले में पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम के निदेशक (तकनीकी) राकेश कुमार को पहले ही हटाया जा चुका है।