आयोग के चेयरमैन सीबी पालीवाल ने बताया कि तीनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने और संबंधित कक्ष निरीक्षकों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। कक्ष निरीक्षकों की जिम्मेदारी थी कि वे आयोग के साथ ट्रेजरी की प्रति प्राप्त करने के बाद ही अभ्यर्थियों को जाने दें।
पालीवाल ने बताया कि यदि अभ्यर्थी गलती से ट्रेजरी की प्रति ले गए हैं और प्रति वापस करने के साथ लिखित गलती स्वीकार करते हैं तो उनके प्रति नरमी बरती जा सकती है। वरना, तीनों को भविष्य में आयोग की भर्ती प्रतियोगिताओं से बाहर कर दिया जाएगा।