लखनऊ। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने अधीनस्थ अदालतों को आदेश दिया कि वे आदेश पत्रक (ऑर्डर शीट) पर स्पष्ट आदेश लिखें और अक्षरों के शॉर्ट फॉर्म में लिखने से बचें। कोर्ट ने कहा कि अगर कोई बड़ा शब्द बार-बार लिखना हो तो एक बार पूर्ण शब्द के साथ शॉर्ट फॉर्म लिखने के बाद शॉर्ट फॉर्म में लिख सकते हैं।
न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी की एकल पीठ ने यह आदेश अजय सिंह की याचिका पर दिया। याची ने लखनऊ के न्यायिक मजिस्ट्रेट तृतीय द्वारा एक आपराधिक मामले में उसे तलब करने साथ ही गैर जमानती वारंट जारी करने के आदेश को चुनौती दी थी। सुनवाई के समय कोर्ट ने आर्डर शीट देखकर पाया कि उसमें कई जगह पर शॉर्ट फॉर्म का इस्तेमाल किया गया था। जिससे आदेश अस्पष्ट थे। कोर्ट ने कहा कि एक ऑर्डर शीट में तो मात्र दो-चार शब्दों का आदेश पारित किया गया, जिसे समझना संभव नहीं है। कोर्ट ने यह भी कहा कि अधीनस्थ अदालत ने बिना यह देखे कि याची को सम्मन तामील हुआ या नहीं, उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिया। इन्हीं तथ्यों के मद्देनजर कोर्ट ने अधीनस्थ अदालतों को स्पष्ट आदेश लिखने और शॉर्ट फॉर्म लिखने से बचने का आदेश दिया है।