राजेंद्रनगर स्थित महाकाल मंदिर में महादेव का शृंगार कर नागचंद्रेश्वर का स्वरूप प्रदान किया गया।
लखनऊ। नाग पंचमी पर शहर के शिवालयों में दर्शन-पूजन के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुटना शुरू हो गई थी जो देर शाम तक जारी रही। विधि-विधान से पूजन के साथ भक्तों ने भगवान शिव और नागदेव का दुग्धाभिषेक कर आशीर्वाद लिया। इस दौरान जगह-जगह अखाड़ों में पहलवानों ने खूब दाव दिखाए। बच्चाें, युवाओं और प्रौढ़ ने कुश्ती प्रतियोगिताओं में जोश दिखाया। कुश्ती के दौरान कहीं जय श्रीराम तो कहीं जय बजरंग बली के जयकारे गूंजते रहे। इस दौरान दर्शकों में भी जबरदस्त जोश देखने को मिला। विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
राजेंद्रनगर स्थित महाकाल मंदिर में भोर से ही श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया था। इस अवसर पर महादेव का भव्य शृंगार कर उन्हें नागचंद्रेश्वर का स्वरूप प्रदान किया गया। मंदिर के पुजारी अतुल मिश्र ने बताया कि श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के साथ ही नाग देवता की भी विधि-विधान से पूजा की। इस दौरान भक्त अपने घरों से खीर, पूड़ी, चना, दूध समेत अन्य पकवान लेकर आए और महादेव व नागदेव को भोग लगाया।
भक्तों ने दुग्धाभिषेक और जलाभिषेक किया। मनकामेश्वर मंदिर में शहर के अलावा आसपास के कई जिलों से भक्त पूजन-अर्चन के लिए पहुंचे। यहां की महंत देव्यागिरि ने बताया कि नागपंचमी के अवसर पर मंदिर में भगवान भोलेनाथ का विशेष शृंगार व पूजन किया गया। भक्तों में प्रसाद का वितरण हुआ।
बुद्धेश्वर महादेव मंदिर में लखनऊ के अलावा उन्नाव, रायबरेली, हरदोई, सीतापुर, कानपुर और बाराबंकी समेत अन्य जिलों से भी भक्तों ने पहुंचकर भगवान शिव और नागदेव की पूजा की। गंगाजल से भगवान शिव का अभिषेक किया गया। भव्य शृंगार कर आरती उतारी गई।
चौक स्थित कोतवालेश्वर मंंदिर में भी बड़ी संख्या में भक्त दर्शन-पूजन के लिए पहुंचे। चौक के ही कोनेश्वर मंदिर व कल्याणगिरि मंदिर समेत अन्य शिवालयों में भी भक्त पहुंचे। इस दौरान शिव मंदिरों में रुद्राभिषेक समेत अन्य धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन भी किया गया। इस अवसर पर राजधानी में शाम के समय जगह-जगह कपड़ों की गुड़िया बनाकर पीटी गईं। कन्याओं ने गुड़िया बनाईं और भाइयों ने उन्हेें पीटकर परंपरा का निर्वहन किया।