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'हंसिये और हंसाइये ये ईश्वर का वरदान'

Mon, 05 May 2014 10:05 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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‘हंसिये और हंसाइये ये ईश्वर का वरदान, हंसी वाला प्राणि ही पाता सुख की खान, हंसने से ही मन सदा, पाता है आराम, डॉक्टर, वैद्य सभी कहें हंसना भी है काम..’।
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विश्व हास्य दिवस के मौके पर रविवार को खुशहाल स्वास्थ्य सेवा संस्थान की ओर से इंदिरानगर के स्वर्ण जयंती विहार पार्क में आयोजित सभा में सभी ने भोजपुरी गायक कृष्णानंद राय के इस गीत पर खूब ठहाके लगाए।
सभा के मुख्य अतिथि पर्यावरण प्रेमी चंद्रभूषण तिवारी, डॉ. अवधेश शर्मा रहे। सभा में संस्थान के अध्यक्ष शिवराम मिश्र, मनोज सिंह, रामस्वरूप शर्मा समत तमाम रहे।
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उधर, चेतना साहित्य परिषद की ओर से नंद निकेतन सभागार नाका हिंडोला में हुई काव्य गोष्ठी में रचनाकारों ने खूब ठहाके लगवाए।

डॉ. आशुतोष बाजपेई की वाणी वंदना के बाद आशिक रायबरेलवी ने ‘छोड़ दे छिप-छिप के मिलना छोड़ दे, इश्क अपना आम होना चाहिये...’ सुनाया।

अरविंद झा की हास्य कविता ‘भेजा चाटेंगे सभी जब हो निकट चुनाव, बढ़ता है केवल तभी मतदाता का भाव...’ से ठहाके लगवाए।

काव्य गोष्ठी में डॉ. अशोक शर्मा, विजय त्रिपाठी, भोलानाथ अधीर, डॉ. शिवभजन कमलेश, सरस कपूर ने भी पंक्तियां सुनाई।
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