लखनऊ। अच्छा शरीर बनाने की चाह में युवा जिम के साथ ही प्रोटीन सप्लीमेंट का अंधाधुंध सेवन करते हैं। प्रोटीन सप्लीमेंट में मौजूद स्टेरॉयड से भले ही उनकी बॉडी आकर्षक बन जाए, पर दिल की सेहत खराब हो जाती है। डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के हृदय रोग विशेषज्ञ प्रो. भुवन चंद्र तिवारी ने इसे लेकर युवाओं को चेताया है।
प्रो. भुवन चंद्र तिवारी के मुताबिक अचानक जिम में ज्यादा मेहनत करने से शरीर भले ही बने पर इसका दिल पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है। कई युवा प्रोटीन सप्लीमेंट और स्टेरॉयड का सेवन करके शरीर को अच्छा बनाने की कोशिश करते हैं। इसके बाद शरीर दिखने में भले ही हष्ट-पुष्ट नजर आए, लेकिन भीतर से वह खोखला हो जाता है। खासकर दिल पर इसके प्रभाव बेहद खतरनाक होते हैं। ऐसे में बिना प्रशिक्षण ज्यादा जिम करने और स्टेरॉयड सेवन, दोनों से बचना चाहिए।
10 साल में चार गुना हो गए युवाओं में हार्ट अटैक के मामले
प्रो. तिवारी ने बताया कि अपने देश में बाकी दुनिया के मुकाबले दिल के रोग औसतन करीब 10 साल पहले शुरू हो जाते हैं। इससे बड़ी बात यह है कि युवाओं में हार्ट अटैक के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। 10 साल पहले हार्ट अटैक के कुल मामलों में 10 फीसदी की ही उम्र 40 वर्ष से कम होती थी। अब यह आंकड़ा करीब 40 फीसदी पहुंच चुका है।
रक्तदान से 5 और टहलने से 50% कम होता है खतरा
किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के ब्लड एंड ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग की अध्यक्ष प्रो. तूलिका चंद्रा के मुताबिक कई अध्ययन बताते हैं कि नियमित रक्तदान से हार्ट अटैक का खतरा पांच फीसदी तक कम हो जाता है। वहीं, हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. अक्षय प्रधान के मुताबिक नियमित रूप से 30 मिनट टहलने से हार्ट अटैक का खतरा 50 फीसदी तक कम किया जा सकता है।
हार्ट अटैक के लिए जोखिम के कारक
मोटापा, धूम्रपान, नींद पूरी न होना, शुगर, उच्च रक्तचाप, खराब जीवन शैली, व्यायाम न करना, परिवार में किसी को 40 साल से कम उम्र में हार्ट अटैक, कोलेस्ट्राॅल का उच्च स्तर।
लक्षण
सीने में दर्द, जकड़न, बाएं कंधे में दर्द, थकान महसूस करना, सांस लेने में समस्या, दिल की धड़कन तेज होना, सांस फूलना, जबड़े में दर्द होना, रात में पसीना, पैर-टखनों या पेट में सूजन