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प्रियंका की देर रात तक चली 'क्लास', बगले झांकते रहे कांग्रेसी कार्यकर्ता

Wed, 13 Feb 2019 09:02 AM IST
अर्पना दुबे न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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priyanka gandhi - फोटो : pti
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कांग्रेस की पूर्वी यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा ने पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं को लोकसभा चुनाव जीतने की रणनीति समझाई। कहा-सबसे ज्यादा ध्यान युवाओं और महिलाओं पर देने की जरूरत है। क्योंकि, मोदी सरकार व योगी सरकार की जनविरोधी नीतियों से सबसे ज्यादा वे प्रभावित हो रहे हैं। देर रात तक कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर रहीं थीं।

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प्रियंका ने 12 फरवरी को बुलाए गए प्रत्येक लोकसभा क्षेत्र के लोगों के लिए एक से डेढ़ घंटे का समय दिया। उन्नाव, मोहनलालगंज, लखनऊ, सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, रायबरेली, अमेठी, फतेहपुर क्षेत्र की बैठकें रात करीब 10:30 बजे तक समाप्त हो चुकी थीं। उसके बाद बाराबंकी, कौशाम्बी, फूलपुर और इलाहाबाद क्षेत्र के लोगों को एक-एक करके बुलाना शुरू किया। प्रियंका ने कार्यकर्ताओं को समझाया कि वे एक-एक करके बात रखें। क्योंकि, उनके पास उन्हें सुनने के लिए पर्याप्त समय है। रात 12:40 बजे उन्होंने मंगलवार के लिए निर्धारित अंतिम लोकसभा क्षेत्र इलाहाबाद के लोगों को मिलने के लिए बुलाया।
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उन्नाव के कार्यकर्ताओं से पूछा विधानसभावार बूथों की संख्या
पूर्व सांसद अनु टंडन के साथ 18 कार्यकर्ता व नेता प्रियंका से मिलने पहुंचे थे। प्रियंका ने एक-एक से अलग-अलग बात की। पदाधिकारियों से पूछा कि लोकसभा क्षेत्र में विधानसभावार कितने बूथ हैं। वहां कांग्रेस संगठन की क्या स्थिति है। कुल मिलाकर प्रियंका ने कार्यकर्ताओं के मन में यह बात बैठाई कि अगर जीतना चाहते हैं तो मुख्य लड़ाई बूथ पर होगी। अनु टंडन ने बताया कि उन्नाव लोकसभा क्षेत्र में ब्लॉक स्तर पर बैठकें की जा रही हैं। मिलने वालों में, प्रदेश महासचिव वीर प्रताप सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष अंकित परिहार और जिलाध्यक्ष डॉ. सूर्य नारायण यादव भी शामिल थे। अंकित परिहार ने बताया कि प्रियंका गांधी ने सबसे ज्यादा सवाल किसानों की समस्याओं को लेकर पूछे।

प्रियंका सेना ने टी-शर्ट पर कराए दस्तखत
प्रियंका सेना का कामकाज देख रहे प्रदेश सचिव शैलेंद्र तिवारी ने मुलाकात के दौरान प्रियंका गांधी को पिंक टी-शर्ट भेंट की, जिस पर प्रिंयका सेना लिखा था। लेकिन, प्रियंका ने टी-शर्ट पर ऑटोग्राफ देकर इसे उन्हें ही वापस कर दिया। शैलेंद्र ने बताया कि जल्द ही प्रियंका एप भी लॉन्च किया जाएगा, जिसकी लॉन्चिंग प्रियंका गांधी से ही कराई जाएगी।

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प्रियंका की जमीनी चिंताएं, बूथ तक की जानकारी नहीं दे पाए कांग्रेसी

Priyanka Gandhi - फोटो : PTI
प्रियंका ने पार्टी कार्यकर्ताओं व नेताओं से मिलने के दौरान बूथ स्तर की जमीनी हकीकत जानने की कोशिश की, वहीं बिना तैयारी आए कांग्रेसी मामूली जानकारियां भी नहीं दे सके। वे प्रिंयका के आसान से सवालों में उलझकर रह गए। उन्हें उम्मीद भी न थी कि राष्ट्रीय महासचिव इतने सामान्य प्रश्न पूछेंगी। मसलन, आपके गृह बूथ पर कितने मतदाता हैं। वहां पिछली बार कांग्रेस को कितने मत मिले थे। लोकसभा क्षेत्र की वो कौन सी समस्याएं हैं, जो अन्य क्षेत्रों में नहीं हैं। पिछली बार क्षेत्र में कब कार्यक्रम किया था। किन मुद्दों पर संघर्ष किया। उन्होंने मंगलवार को लोकसभा क्षेत्रवार लोगों से बड़ी ही तफसील से बात की। उन्हें आत्मीयता भी महसूस कराई।

प्रियंका गांधी मंगलवार को दिन में करीब 1 बजे प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय पहुंची। उन्होंने 1:30 बजे से लोकसभा क्षेत्रवार जिलों, तहसील व ब्लॉक स्तर के पदाधिकारी व कार्यकर्ता, पूर्व विधायक व सांसद, पूर्व मंत्री और हारे हुए प्रत्याशियों से मिलना प्रारंभ किया। सबसे पहले उन्नाव का नंबर आया। रात आठ बजे तक उन्नाव, मोहनलालगंज और लखनऊ लोकसभा क्षेत्र के लोगों से मिल चुकी थीं। लखनऊ लोकसभा क्षेत्र से 50 से ज्यादा लोग आ जाने के कारण उसे दो हिस्सों लखनऊ-1 और लखनऊ-2 में बांटकर मिलीं।

आखिरी कार्यक्रम में कब लिया था हिस्सा
मोहनलालगंज लोकसभा क्षेत्र के कुल 29 पार्टी नेता, कार्यकर्ता और दावेदार प्रियंका गांधी से मिले। कांग्रेस के लखनऊ के जिलाध्यक्ष गौरव चौधरी बताते हैं कि दावेदारों को छोड़कर राष्ट्रीय महासचिव ने सभी से एक से सवाल ही पूछे। जैसे-आप क्षेत्र में किस तरह काम करते हैं। ब्लॉक स्तर पर बूथों की मासिक बैठक करते हैं या नहीं। आखिरी कार्यक्रम में कब हिस्सा लिया था। नेताओं से पूछा कि इससे पहले कब और किस कार्यक्रम में हिस्सा लिया था। लोकसभा क्षेत्र की समस्याएं क्या हैं और उन पर किस तरह से संघर्ष करते हैं। संघर्ष किया भी है या नहीं। प्रियंका ने यह भी पूछा कि उनकी लोकसभा सीट कैसे जीती जा सकती है। क्या रणनीति अपनाई जानी चाहिए।

लोकल प्रत्याशी को मिलकर लड़ाओगे क्या
मोहनलालगंज के कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों ने कहा कि अगर उन्हें लोकल प्रत्याशी दिया गया तो सीट जीतकर दिखाएंगे। इस पर प्रियंका ने पूछा कि लोकल प्रत्याशी दिए जाने पर सब मिलकर लड़ाओगे। आपसी अंतरविरोध के चलते नुकसान तो नहीं पहुंचाओगे।

अपनी डायरी में नोट किए दावेदारों के नाम
जो भी दावेदार थे उनसे प्रियंका ने बूथ स्तर की जानकारी मांगी। पहला सवाल था कि आपके लोकसभा क्षेत्र में कितने बूथ हैं। उनके गृह बूथ का नंबर क्या है व कितने मतदाता हैं। जातिगत समीकरण क्या हैं। पिछली बार कांग्रेस उस सीट पर कब जीती थी। लोकसभा-2014 में पार्टी प्रत्याशी को कितने वोट मिले थे। जीतने वाले को कितने वोट मिले। क्षेत्र में जाते हैं या लखनऊ में बैठकर ही मीडिया को बयान दे देते हैं। टिकट चाहते हैं तो लोगों के बीच किस तरह से काम कर रहे हैं। प्रियंका स्थानीय कार्यकर्ताओं के बीच से आए महत्वपूर्ण सुझाव और दावेदारों के नाम अपनी डायरी में भी नोट कर रहीं थीं।

बगलें झांकते मिले ज्यादातर दावेदार
लखनऊ लोकसभा क्षेत्र के मिराजवली को भी प्रियंका से मिलने का मौका मिला। वे काफी समय से कांग्रेस से जुड़े हैं। इसके अलावा इस लोकसभा क्षेत्र के शंकर और कुनाल भी उनसे मिले। ये नेता प्रियंका से मिलने के बाद काफी प्रफुल्लित होकर बाहर निकले थे। वे बताते हैं कि दावेदार तो यह सोचकर गए थे कि उनसे पूछा जाएगा कि चुनाव में कितना पैसा खर्च कर सकते हैं। पैसों के इंतजाम कर लेने के बारे में क्या प्रमाण हैं। राष्ट्रीय या अन्तर्राष्ट्रीय राजनीति के बारे में कुछ पूछेंगी। लेकिन, प्रियंका ने जो सवाल पूछे, ज्यादातर दावेदार बगलें झांकते मिले।

देर रात तक जारी था मिलने का सिलसिला
रात नौ बजे तक प्रियंका उन्नाव, मोहनलालगंज और लखनऊ लोकसभा क्षेत्र के लोगों मिल चुकी थीं, जबकि सुल्तानपुर के लोगों से मिलने का सिलसिला चल रहा था। कांग्रेस के मीडिया कोआर्डिनेटर राजीव बख्शी ने बताया कि प्रतापगढ़, फतेहपुर, बाराबंकी, कौशाम्बी, फूलपुर, इलाहाबाद, रायबरेली और अमेठी लोकसभा क्षेत्र के लोगों से भी वे मंगलवार को ही मिलेंगी। उन्होंने बताया कि मिलने का यह सिलसिला रात दो बजे तक जारी रहने की उम्मीद है।
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