विभाग की ओर से लगाया गया चेतावनी बोर्ड। स्रोत ः विभाग
सरोजनीनगर। भुगतान विवाद में करीब दस साल से अधूरे पड़े यूपीसीडा मुख्यालय के पानी से भरे बेसमेंट में डूबकर 19 वर्षीय श्रमिक की मौत हो गई। नादरगंज स्थित निर्माणाधीन भवन के 15 फीट गहरे बेसमेंट में बारिश का पानी भरा था। रविवार रात मोबाइल पर बात करते हुए श्रमिक राज सिंह का पैर फिसला और वह पानी में गिर गए। उन्हें बचाने की कोशिश नाकाम रही। एसडीआरएफ ने करीब तीन घंटे के सर्च ऑपरेशन के बाद उनका शव निकाला।
सीतापुर के मछरेहटा निवासी राज सिंह नादरगंज स्थित छप्पन भोग दुकान में रहकर मजदूरी करते थे। सरोजनीनगर के एडिशनल इंस्पेक्टर अजय पाल सिंह ने बताया कि रविवार रात करीब नौ बजे राज अपने चार साथियों के साथ थे। वह मोबाइल पर किसी से बात करते हुए दुकान के पास स्थित यूपीसीडा की निर्माणाधीन बिल्डिंग के बेसमेंट की ओर चले गए। इसी दौरान पैर फिसलने से वह पानी में गिर गए। उन्हें गिरता देख साथियों में चीख-पुकार मच गई। लोगों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली।
सूचना पर पुलिस टीम करीब सवा नौ बजे मौके पर पहुंची और एसडीआरएफ को बुलाया। टीम ने करीब तीन घंटे तक सर्च ऑपरेशन चलाया, जिसके बाद राज का शव मिला। पुलिस ने साथियों से मोबाइल नंबर लेकर उनके परिजनों को घटना की जानकारी दी।
भुगतान विवाद के कारण रुका निर्माण
यूपीसीडा के अधिशासी अभियंता तौसीफ अहमद के मुताबिक, करीब 200 एकड़ क्षेत्र में फैले औद्योगिक क्षेत्र के पास प्रदेश स्तर के विभागीय मुख्यालय के लिए भवन का निर्माण करीब दस साल पहले शुरू हुआ था। भुगतान को लेकर विभाग और ठेकेदार के बीच विवाद होने के बाद ठेकेदार हाईकोर्ट चला गया। वहां मामला लंबित होने के कारण निर्माण कार्य रुका हुआ है। अधिशासी अभियंता ने बताया कि निर्माणाधीन परिसर में लोगों की आवाजाही रोकने के लिए विभाग की ओर से चेतावनी बोर्ड लगाया गया है और फेंसिंग भी कराई गई है।