रायबरेली। लखनऊ-रायबरेली फोरलेन हाईवे पर अवैध कट बंद कराने का काम एनएचएआई के अधिकारियों ने शुरू करा दिया गया है। पहले चरण में शहर के अंदर हुए कटों को बंद किया जा रहा है। एनएचएआई के अधिकारियों ने साफ कहा कि यदि किसी ने इन कटों से गुजरने या तोड़ने का प्रयास किया तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अब तक 10 कटों को बंद कराया जा चुका है।
जिले से होकर निकले लखनऊ-रायबरेली हाईवे बछरांवा से जिला मुख्यालय तक 50 अवैध कट हैं। इससे हाईवे पर सफर करने वाले करीब दो लाख लोगों की जिंदगानी खतरे में है। इन कटों की वजह से जाम की समस्या से लोगों को जूझना पड़ रहा है। समस्या को अमर उजाला ने आठ जनवरी को हाईवे पर 50 से ज्यादा कट, जोखिम में जान शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। खबर छपने के बाद हरकत में आए एनएचएआई के अधिकारियों ने कटों को बंद कराने का काम शुरू करा दिया है।
त्रिपुला से सारस होटल तक बंद कराए गए 10 कट
लखनऊ-रायबरेली फोरलेन बना है। पूरे हाईवे डिवाइडर बनाया गया है। बछरावां, कुंदनगंज, गंगागंज, हरचंदपुर, रतापुर, सिविल लाइन चौराहा, बरगद चौराहा तक करीब 50 अवैध कट बने हैं। इन अवैध कट से निकल कर अचानक कोई राहगीर हाईवे पर चला आता है, तो उसके दुर्घटना का शिकार होने का खतरा बना रहता है। यही नहीं, सड़क पर सफर कर रहे दूसरे वाहन सवार लोग भी इसका खामियाजा भुगत सकते हैं। त्रिपुला से सारस होटल तक 10 कट बंद कराए गए हैं।
सीसीटीवी कैमरों से होगी निगरानी
एनएचएआई की ओर से पहले भी इन कटों को बंद कराने का प्रयास किया, लेकिन कुछ माननीय ने अपने फायदे के लिए कट खुलवा लिए हैं। एनएचएआई ने इस बार सभी कट बंद करने का निर्णय लिया है। कट तोड़ने वालों की निगरानी हाईवे पर लगे सीसीटीवी फुटेज से होगी। यदि कोई कट तोड़ता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।