मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्वांचल की बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान के लिए समग्र कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बाढ़ से पूर्वांचल में हर साल जन-धन की भारी हानि होती रही है। यहां की प्रमुख नदियां नेपाल के पहाड़ी क्षेत्र से निकलती हैं। बाढ़ के दौरान आए मलबे से नदियों का तल ऊपर उठ गया है। इनकी सफाई (ड्रेजिंग) के लिए कार्ययोजना तैयार की जाए। इससे जहां बाढ़ की समस्या स्थायी रूप से हल होगी, वहीं इससे निकले बालू की बिक्री से स्थानीय प्रशासन को राजस्व भी मिलेगा।
मुख्यमंत्री मंगलवार को गोरखपुर मंडल के जिलों के विकास कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि गोरखपुर, देवरिया और कुशीनगर का पूरा क्षेत्र ‘बौद्ध परिपथ’ का हिस्सा है। दीपावली पर कुशीनगर से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू करने की योजना है। यह एयरपोर्ट विदेशी धर्मावलंबियों को सुगमता प्रदान करने वाला होगा। उन्होंने पर्यटन क्षेत्र में कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिए।
योगी ने कहा कि एम्स गोरखपुर का निर्माण पूर्वी उत्तर प्रदेश की चिकित्सा व्यवस्था को सुदृढ़ करेगा। एम्स हॉस्पिटल बिल्डिंग यथाशीघ्र पूरी की जाए। खाद कारखाना निर्माण में भी देर न हो।
मंडलायुक्त स्वयं इन कार्यों का निरीक्षण करें। उन्होंने दोनों परियोजनाओं की कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधियों से अब तक की प्रगति की जानकारी ली। राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज के निर्माण कार्य के अवरोधों को तत्काल दूर किया जाए। एमएमएमयूटी के प्रशासनिक भवन और ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ महाविद्यालय, गोरखपुर का निर्माण कार्य शीघ्रता से पूर्ण हो। गीडा में लैंडबैंक को विस्तार देने की जरूरत बताते हुए मुख्यमंत्री ने उद्यमियों की आवश्यकताओं का ध्यान रखने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को देवरिया में डायलिसिस की सुविधा एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी कार्यदायी संस्था उतनी ही परियोजनाओं का कार्य हाथ में ले, जितना वह समय से पूर्ण करा सके। पुनरीक्षित बजट की आदत छोड़ें। परियोजना के संबंध में प्रत्येक स्तर पर जवाबदेही तय होनी चाहिए। गोरखपुर-वाराणसी फोरलेन के काम की गति धीमी है। जिलाधिकारी समीक्षा करें। जवाबदेही तय हो। सड़कों के सुदृढ़ीकरण की कार्यवाही तेज की जाए।
इंसेफ्लाइटिस से प्रभावित गांवों को शुद्ध पेयजल
अटल भूजल योजना और अमृत योजना की समीक्षा करते हुए योगी ने कहा कि पेयजल से जुड़ी सभी योजनाओं को प्राथमिकता से लागू किया जाए। इंसेफ्लाइटिस से प्रभावित गांवों के लिए प्रोजेक्ट तैयार कर घर-घर शुद्ध पेयजल पहुंचाना है। अधिक से अधिक तालाब खुदवाए जाएं।
नया पेराई सत्र शुरू होने पर बकाया न रहे गन्ना मूल्य
योगी ने कहा कि देवरिया में किसानों का गन्ना मूल्य का भुगतान कम हुआ है। महराजगंज में चीनी मिल गड़ौरा का वर्ष 2017-18 का भुगतान अवशेष है। इस संबंध में आवश्यक कार्यवाही की जाए। नया पेराई सत्र शुरू होने के समय कुछ भी बकाया न रहे। इस बारे में चीनी मिल प्रबंधन से संवाद करें।
जिस काम के लिए धन मिले, वही कराएं लाभार्थी
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रवासी मजदूरों को अधिक से अधिक रोजगार दिलाएं। गोरखपुर मंडल में अलग-अलग स्थानों पर मुसहर और वनटांगिया समुदाय के लोग रहते हैं। सभी के राशन कार्ड बनाएं। प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाएं। उन्होंने कहा कि जिस कार्य के लिए धनराशि जारी हो, लाभार्थी वही कार्य कराएं। प्रधानमंत्री-मुख्यमंत्री आवास योजनाओं से लाभान्वित लोगों के गृह प्रवेश का कार्यक्रम आवास विभाग तैयार करे।
चौरी-चौरा शताब्दी वर्ष को बनाएं यादगार
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले वर्ष स्वाधीनता संग्राम की ऐतिहासिक घटना चौरी-चौरा का शताब्दी वर्ष होगा। अच्छी कार्ययोजना बनाकर नई पीढ़ी को अपनी समृद्ध विरासत से परिचित कराएं। महराजगंज गोधन से समृद्ध है। मधवलिया गोसदन में बायो सीएनजी प्लांट स्थापित किया जाए। यह गैस की आपूर्ति तो करेगा ही, रोजगार सृजन भी होगा।
सांस्कृतिक संपन्नता की ब्रांडिंग जरूरी
योगी ने कहा कि गोरखपुर चिड़ियाघर आकर्षण का केंद्र होगा। गोरखपुर में वाटर स्पोर्ट्स की शुरुआत इस शहर को नई पहचान देगा। ओडीओपी के उत्पादों के लिए विकास भवन में प्रदर्शनी का आयोजन कराया जाए। इनके शिल्पियों को प्रोत्साहित करें। हर ब्लॉक में एफपीओ का गठन करें।
जनप्रतिनिधियों के प्रस्तावों पर समय से होगा काम
समीक्षा के दौरान सांसद रवि किशन ने फिल्म सिटी की स्थापना के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया। राज्यसभा सांसद जयप्रकाश निषाद ने पूर्वांचल के विकास के लिए योजनाबद्ध कार्य करने को सराहनीय कदम बताया। रमापति राम त्रिपाठी ने सड़कों की मरम्मत और बिजली के तारों के रखरखाव की जरूरत बताई। विधायक खड्डा जटा शंकर त्रिपाठी और विधायक सलेमपुर काली प्रसाद ने पर्यटन विकास के लिए नवीन परियोजनाओं का प्रस्ताव रखा, तो रजनीकांत मणि ने फ्लाईओवर की जरूरत बताई। विधायक पथरदेवा और कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने सड़कों के पुनर्निर्माण की आवश्यकता जताई। मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों से कहा कि स्थानीय प्रशासन के जरिए प्रस्ताव बनवाकर शासन के संबंधित विभाग को भिजवाएं। उसकी प्रति मुख्यमंत्री कार्यालय को भी भेज दें। हर प्रस्ताव पर समय से काम होगा।