अक्तूबर के प्रारंभ में ही वार्डों के आरक्षण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। हालांकि आरक्षण का फॉर्मूला अभी तय नहीं किया गया है। पर, सूत्रों का कहना है कि इस बार आरक्षण नए सिरे से किया जाएगा। इसलिए अधिकतर सीटों पर उलटफेर की आशंका जताई जा रही है।
प्रदेश में इस साल के अंत में प्रस्तावित नगर निकाय चुनाव को देखते हुए निकायों में वार्डों के गठन का काम शीघ्र पूरा होगा। चुनाव का समय नजदीक आते देख नगर विकास विभाग ने वार्डों के गठन का तेजी से पूरा करने के तत्काल बाद वार्डों के आरक्षण का काम शुरू करने का निर्देश जारी कर दिया है।
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शासन के निर्देशानुसार, अक्तूबर के प्रारंभ में ही वार्डों के आरक्षण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। हालांकि आरक्षण का फॉर्मूला अभी तय नहीं किया गया है। पर, सूत्रों का कहना है कि इस बार आरक्षण नए सिरे से किया जाएगा। इसलिए अधिकतर सीटों पर उलटफेर की आशंका जताई जा रही है।
गौरतलब है कि वर्ष 2017 में 653 सीटों पर निकाय चुनाव हुआ था। इस बार अभी तक 762 निकाय बन चुके हैं। इसलिए पिछली बार की अपेक्षा इस बार वार्डों की संख्या भी 20 हजार से अधिक होगी। वार्डों के आरक्षण से पहले अधिकतर निकायों में रैपिड सर्वे का काम कराया जा रहा है। सर्वे होने के बाद आरक्षण का काम शुरू होगा।
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नगर विकास विभाग के अधिकारी इस पर मंथन में जुट गए हैं कि सीटों और वार्डों के आरक्षण का फॉर्मूला क्या होगा। आरक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद निकाय चुनाव की तिथियों का फैसला करते हुए राज्य निर्वाचन आयोग को प्रस्ताव भेजा जाएगा। इसके आधार पर अधिसूचना जारी होगी।