बलरामपुर। जिला महिला चिकित्सालय को उच्चीकृत कर इलाज की बेहतर सुविधाओं से युक्त बनाया जाएगा। इसके तहत अस्पताल की बेड क्षमता को 30 से बढ़ाकर 50 बेड तक करने के साथ ही मरीजों को मिलने वाली इलाज की सुविधाओं को हाईटेक कर बेहतर बनाया जाएगा। अस्पताल का विस्तार होने से यहां अतिरिक्त चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती भी हो सकेगी। इसका सीधा फायदा जिले की दस लाख की महिला आबादी को मिलेगा।
जिले का दर्जा पाने के 27 साल बाद भी महिला आबादी को अभी तक अपेक्षित स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया नहीं हो पा रही हैं। यहां संचालित महारानी इंद्र कुंवरि जिला महिला अस्पताल में चिकित्सक व संसाधनों की कमी के कारण महिला मरीजों को इलाज की समुचित सुविधाएं भी नहीं मिल पा रही हैं। जिला अस्पताल का दर्जा मिलने के बाद भी यहां स्वास्थ्य कर्मियों का पद सृजन और संसाधन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के आधार पर ही संचालित हो रहे हैं।
जिला महिला अस्पताल में प्रतिदिन करीब 300 से अधिक महिलाओं की ओपीडी व 20 से अधिक सामान्य प्रसव व ऑपरेशन होते हैं। बढ़ते बोझ को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने 30 बेड वाले महिला अस्पताल को 50 बेड के रूप में उच्चीकरण करने का प्रस्ताव शासन को भेजा है। इस पर संस्तुति मिलने के बाद अस्पताल की बेड क्षमता को 30 से बढ़ाकर 50 बेड के बतौर विकसित किया जाएगा। बेड क्षमता बढ़ने से यहां पर अतिरिक्त चिकित्सक व स्वास्थ्य सुविधाओं का भी विकास होगा। सीएमएस डॉ. सुमन दत्त ने बताया कि बेड क्षमता को 30 से बढ़ाकर 50 बेड का करने का प्रस्ताव उच्चाधिकारियों को भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही इसकी प्रक्रिया को शुरू कराया जाएगा।
तीन मेडिकल अफसरों की हुई तैनाती
जिला महिला अस्पताल में चिकित्सकों की कमी को देखते हुए तीन चिकित्साधिकारियों की तैनाती सीएमओ ने की है। इसके बाद से चिकित्साधिकारी डॉ. संध्या, डॉ. शमरीन व डॉ. महेश पांडेय अपनी सेवाएं देने लगे हैं। ऐसे में अब ओपीडी व इमरजेंसी में चिकित्सकों की कमी से होने वाली परेशानी काफी हद तक दूर हो गई है।