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Lucknow News: स्तन कैंसर के बाद महिलाओं को रखना चाहिए हड्डियों का खास ध्यान

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प्रतीकात्मक तस्वीर। 
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लखनऊ। स्तन कैंसर से पीड़ित महिलाओं को अपनी हड्डियों का अतिरिक्त ध्यान रखना चाहिए। संजय गांधी पीजीआई ने अपने एक अध्ययन में हड्डी की क्षमता जांचने के लिए गैर आक्रामक इमेजिंग तकनीक एचआर-पीक्यूसीटी (हाई-रेजॉल्यूशन पेरिफेरल क्वांटिटेटिव कंप्यूटेड टोमोग्राफी) को प्रभावी बताया है।
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जर्नल ऑफ बोन मेटालिज्म में यह अध्ययन प्रकाशित हुआ है। इसमें डॉ. एस मेयप्पन, डॉ. सुनैया के, डॉ. सुशील गुप्ता, डॉ. मनीषा काकाजी, डॉ. अंजली मिश्रा, डॉ. ज्ञानचंद और डॉ. गौरव अग्रवाल शामिल हैं। अध्ययन में बताया गया है कि कैंसर पीड़ित महिलाओं में कीमोथेरेपी, हार्मोन थेरेपी और सर्जरी की वजह से महिलाओं में ऑस्टियोपोरोसिस और फ्रैक्चर का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए ऐसी महिलाओं को अपनी हड्डी की जांच कराते रहनी चाहिए।

इस अध्ययन में स्तन कैंसर पीड़ित 54 महिलाओं को शामिल किया गया। इन महिलाओं की डुअल-एनर्जी एक्स-रे एब्जॉर्प्टियोमेट्री (डेक्सा) और एचआर-पीक्यूसीटी (हाई-रेजॉल्यूशन पेरिफेरल क्वांटिटेटिव कंप्यूटेड टोमोग्राफी) तकनीक से जांच की गई। डेक्सा जांच कम खुराक वाला एक्स-रे है जो अस्थि खनिज घनत्व (बीएमडी) को मापता है। वहीं, एचआर-पीक्यूसीटी गैर-आक्रामक इमेजिंग तकनीक है जो कलाई (डिस्टल रेडियस) और टखने (डिस्टल टिबिया) में हड्डियों की सूक्ष्म संरचना, घनत्व और मजबूती की थ्रीडी तस्वीर देती है। अध्ययन में दोनों तकनीक को हड्डी की क्षमता जांचने के लिए प्रभावी बताया गया है।
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हड्डी की मजबूती बढ़ाने के लिए ये करें

- कैंसर विशेषज्ञ से हड्डियों के स्वास्थ्य के बारे में चर्चा करें।

- प्रचुर मात्रा में दूध और डेयरी उत्पादों का सेवन करें।

- हरी पत्तेदार सब्जियां खानपान में शामिल करें।

- धूप से विटामिन डी मिलती है, इसलिए सुबह धूप में टहलें।

- नियमित रूप से व्यायाम करें। धूम्रपान व शराब से दूर रहें।

- नियमित रूप से हड्डी की मजबूती की जांच कराएं।
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