फैजाबाद के बीकापुर तहसील में एक अनोखा मामला सामने आया जब एक विधवा को पता चला कि उसे सरकारी कागजों में करोड़पति बना दिया गया है। यह करतूत एक लेखपाल ने की जिसे विधवा ने घूस की रकम नहीं दी। बताया गया कि विधवा अपने बेटे को छात्रवृत्ति दिलाना चाहती थी।
छात्रवृति दिलाने के लिए महिला को प्रमाणपत्र की जरूरत थी। इसके लिए वह तहसील पहुंची, काफी प्रयास के बाद उसे आय प्रमाणपत्र जारी हुआ तो उसमें लेखपाल ने महिला की आय सालाना पांच करोड़ लिख दी। बीकापुर तहसील से जारी आय प्रमाणपत्र में पांच करोड़ 20 लाख रुपये की आय देखकर विधवा मां तारादेवी सकते में आ गईं। प्रमाणपत्र में हुई इस गड़बड़ी से उनका बेटा छात्रवृत्ति के लिए आवेदन भी नहीं कर सका। आवेदन की अंतिम तारीख 30 जुलाई थी।
इसके बाद शुरू हुई इंसाफ की लड़ाई। शिकायत करने के लिए भी उसे काफी मेहनत करनी पड़ी, सुनवाई न होने पर उसे सीएम के शिकायती पोर्टल पर दर्ज कराया। जिसमें लेखपाल के रिश्वत मांगने का आरोप भी लगाया गया है।