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लेखपाल को नहीं दी रिश्वत तो महिला को बनाया करोड़पति, जानिए क्या है मामला

Fri, 02 Aug 2019 04:01 PM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फैजाबाद
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आय प्रमाण पत्र - फोटो : amar ujala
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फैजाबाद के बीकापुर तहसील में एक अनोखा मामला सामने आया जब एक विधवा को पता चला कि उसे सरकारी कागजों में करोड़पति बना दिया गया है। यह करतूत एक लेखपाल ने की जिसे विधवा ने घूस की रकम नहीं दी। बताया गया कि विधवा अपने बेटे को छात्रवृत्ति दिलाना चाहती थी। 
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छात्रवृति दिलाने के लिए महिला को प्रमाणपत्र की जरूरत थी। इसके लिए वह तहसील पहुंची, काफी प्रयास के बाद उसे आय प्रमाणपत्र जारी हुआ तो उसमें लेखपाल ने महिला की आय सालाना पांच करोड़ लिख दी। बीकापुर तहसील से जारी आय प्रमाणपत्र में पांच करोड़ 20 लाख रुपये की आय देखकर विधवा मां तारादेवी सकते में आ गईं। प्रमाणपत्र में हुई इस गड़बड़ी से उनका बेटा छात्रवृत्ति के लिए आवेदन भी नहीं कर सका। आवेदन की अंतिम तारीख 30 जुलाई थी।

इसके बाद शुरू हुई इंसाफ की लड़ाई। शिकायत करने के लिए भी उसे काफी मेहनत करनी पड़ी, सुनवाई न होने पर उसे सीएम के शिकायती पोर्टल पर दर्ज कराया। जिसमें लेखपाल के रिश्वत मांगने का आरोप भी लगाया गया है।
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मामला उजागर होने के बाद से तहसील प्रशासन में हड़कंप मच गया। हालांकि लेखपाल पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। तारादेवी का आरोप है कि आवेदन पर रिपोर्ट लगाने के लिए लेखपाल धीरेंद्र प्रताप यादव ने उससे रिश्वत की मांग की। रिश्वत नहीं मिलने पर लेखपाल ने मनमानी रिपोर्ट लगाई। 

आय प्रमाणपत्र संख्या 475191013603 में मासिक आय 43 लाख 33 हजार 766 रुपये 67 पैसे व वार्षिक आय पांच करोड़ 20 लाख पांच हजार दो सौ रुपये बताई गई है, जबकि हकीकत यह है कि तारादेवी खेती कर अपने परिवार का पालन-पोषण करती हैं। इस मामले में एसडीएम बीकापुर लवकुमार सिंह का कहना है कि मामला संज्ञान में आया है, तहसीलदार से इसकी पड़ताल कराई जाएगी।
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