लखनऊ। शहर में विकास के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च हुए और बजट में करीब छह करोड़ रुपये बच भी गए, उसके बाद भी सरोजनीनगर द्वितीय वार्ड के हरिओम नगर की गली नंबर पांच के लोगों के पास सड़क-नाली की सुविधा नहीं है। यही हाल रायबरेली रोड की एकतानगर काॅलोनी का है। इन दोनों कॉलोनियों की महिलाओं ने शुक्रवार को नगर निगम में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में महापौर सुषमा खर्कवाल और नगर आयुक्त गौरव कुमार को अपनी पीड़ा बताई। हरिओम नगर की एक महिला ने तो यह तक कहा कि सड़क-नाली न होने से आए दिन होने वाले किचकिच से उनके पति अवसाद में चले गए औरकुछ दिन पहले आत्महत्या कर ली। महापौर ने महिलाओं को आश्वासन दिया कि उनकी समस्या दूर कराई जाएगी।
सुबह करीब दस बजे से दोपहर एक बजे चले समाधान शिविर में कुल 191 शिकायत आई है। इनमें सबसे अधिक शिकायतें सड़क, नाली निर्माण की रहीं। गृहकर से जुड़ी शिकायतें इस बार कम आईं क्योंकि बीती 31 मार्च तक ही ज्यादातर भवनस्वामी अपना गृहकर जमा कर चुके हैं। अलीगंज से आए एक भवन स्वामी ने बताया कि उनके मकान का गृहकर जीआईएस सर्वे में 6,425 रुपये सालाना कर दिया गया जबकि पहले 3,920 रुपये सालाना आता था। जांच के बाद उनका गृहकर 2,763 रुपये सालाना हो गया।
पार्षद पर मनमानी का आरोप
हरिओम नगर की महिलाओं ने कहा कि सड़क न होने से उनकी गली में न एंबुलेंस और न स्कूल वैन ही आती है। पार्षद शिकायत अनसुना कर देते हैं। वहीं क्षेत्रीय पार्षद राम नरेश रावत ने बताया कि जैसे-जैसे बजट आ रहा काम कराया जा रहा है।
रोक दिया गया नाली का पानी
एलडीए कॉलोनी कानपुर रोड से कई साथियों के साथ आए राजेश यादव ने बताया कि वह लोग ईडब्ल्यूएस काॅलोनी में रहते हैं और कुछ लोगों ने कॉलोनी की नाली का पानी रोक दिया है। इससे बहुत समस्या है।
कन्हैया माधवपुर वार्ड की गुलशन विहार काॅलोनी से आए तालिब सिद्दीकी ने कहा कि छह महीने से काॅलोनी के 30 से 40 घरों में कूड़ा कलेक्शन न होने की शिकायत की।
समाधान दिवस में पहुंचे लोग।
समाधान दिवस में पहुंचे लोग।
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समाधान दिवस में पहुंचे लोग।
समाधान दिवस में पहुंचे लोग।