लखनऊ। महिला की चाकू गोदकर हत्या करने के आरोपियों धर्मेंद्र और कन्हैया को दोषी ठहराते हुए अपर सत्र न्यायाधीश आलोक कुमार यादव ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोनों पर छह-छह हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है।
अभियोजन की ओर से कोर्ट में बताया गया कि मो. सईद ने अलीगंज थाने में 19 मई 2008 को एफआईआर कराई थी। इसके मुताबिक 28 मई की शाम बेटा उनके साथ था। जब वह वापस अपने कमरे में गया तो देखा कि पत्नी की हत्या कर दी गई है। आरोपी धर्मेंद्र और कन्हैया उनके बेटे के व्यवसाय में मोमबत्ती बनाने का काम करते थे। गवाह मोहम्मद बिलाल ने बताया कि उन्होंने देखा था कि धर्मेंद्र और कन्हैया के हाथ से खून टपक रहा था। दोनों घबराए हुए थे और भाग रहे थे। परिस्थिति जन्य साक्ष्य के आधार पर कोर्ट ने दोनों को उम्रकैद की सजा सुनाई।