मोहनलालगंज में युवती पर दरिंदगी के खिलाफ शुक्रवार को राजधानी की महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा। महिलाओं ने एनेक्सी के अंदर जाने की भी कोशिश की।
महिलाओं में घटना को लेकर किस कदर गुस्सा था इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वो खराब मौसम खराब होने और तेज बारिश की परवाह किए बिना विरोध प्रदर्शन के लिए विधानसभा की ओर बढ़ चलीं।
इन महिलाओं के चेहरे पर व्यवस्था के खिलाफ रंज साफ नजर आ रहा था। दिल्ली के निर्भया कांड की याद ताजा कर देने वाले मोहनलालगंज कांड से आहत इन महिलाओं का कहना था कि जब तक दरिंदों को फांसी नहीं हो जाती वे शांत नहीं बैठेंगी।
पुलिस की एक न चली
मोहनलालगंज के बलसिंहखेड़ा गांव में युवती से बलात्कार और घंटों तड़पने के बाद उसकी मौत से भड़की महिलाओं ने शुक्रवार को ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक वीमेन्स एसोसिएशन (एडवा) के नेतृत्व में विधानसभा के आगे प्रदर्शन किया।
इस नृशंस घटना का विरोध कर रही महिलाओं के गुस्से के आगे उनके प्रदर्शन को न खराब मौसम रोक सका और न ही पुलिस की सख्ती ही।
विधानसभा मार्ग पर प्रदर्शन के लिए बारिश के बीच जुटी महिलाओं ने जैसे ही एनेक्सी कर ओर रुख किया।
पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन महिलाओं के गुस्से के आगे उनकी एक न चली।
बैरिकेडिंग उठाकर फेंक दी
महिलाओं ने बैरिकेडिंग उठाकर फेंक दिया और एनेक्सी के आगे का रास्ता बंद कर दिया। हालांकि उनके प्रदर्शन से पहले ही मुख्यमंत्री अखिलेश यादव एनेक्सी से निकल गए थे।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने महिलाओं के हाथ से बैनर छीनने की कोशिश थी की। इस दौरान पुलिस और महिलाओं के बीच झड़प हो गई। इसमें कुछ महिलाओं के चोट आई तो कुछ पुलिसकर्मियों की वर्दी फट गई।
प्रदर्शन के बीच एडवा की प्रदेश अध्यक्ष मधु गर्ग ने कहा कि प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ हिंसा रुकने का नाम नहीं ले रही है।
लंबित मामलों से बढ़ा अपराधियों का दुस्साहस
मधु गर्ग के अनुसार प्रदेश की अदालतों में बलात्कार के 13,000 से ज्यादा मामले लंबित हैं। इससे अपराधियों का दुस्साहस बढ़ गया है।
संस्था की जिला सचिव सीमा राना ने बताया कि शनिवार को एडवा की टीम घटनास्थल पर जाएगी।
23 जुलाई को बालसिंहखेड़ा गांव से महिला हिंसा के खिलाफ जुलूस निकाला जाएगा। यंग वीमेन कमेटी की संयोजिका शिवा मिश्रा ने इस घटना को लेकर पुलिस प्रशासन की कार्यशैली और संवेदनशीलता पर सवालिया निशान उठाए।
फास्टट्रैक कोर्ट तुरंत बनाए सरकार
मोहनलालगंज की घटना से नाराज एडवा और सिविल सोसाइटी के सदस्यों ने भी जीपीओ स्थित गांधी प्रतिमा पर प्रदर्शन किया।
एडवा की राष्ट्रीय सचिव ताहिरा हसन ने कहा कि अपराधियों पर तुरंत कार्रवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएं। पुलिस का व्यवहार सुधारा जाए।
उन्होंने आरोप लगाया कि बलात्कार की शिकायत करने पहुंचने वाली पीड़िता से पुलिस अपराधी जैसा बर्ताव करती है।
मोहनलालगंज के मामले में भी पुलिस की संवेदनहीनता ही दिखी। पुलिस युवती के शव पर कपड़ा डालने की जगह उसका फोटो खींचने में तत्पर थी।