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9 दिन से घंटाघर पार्क में प्रदर्शन कर रहीं महिलाएं, बोलीं- बच्चों के हाथों में फूल देख पुलिस नाराज

Sat, 25 Jan 2020 09:55 PM IST
Vikas Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
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घंटा घर पार्क में प्रदर्शनकारी - फोटो : अमर उजाला
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घंटाघर पार्क में बीते नौ दिनों से नागरिकता संशोधन कानून (सीएए), राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्ट्रेशन (एनआरसी) और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) के विरोध में प्रदर्शन कर रहीं महिलाओं ने शनिवार को पुलिस अधिकारियों पर अभद्रता का आरोप लगाया है। उनका आरोप है कि पुलिस उनके पुरुष मददगारों संग मारपीट कर उन्हें गिरफ्तार कर रही है। महिलाओं का आरोप है कि उन्होंने जब पुलिस के रवैये के खिलाफ बच्चों के साथ उन्हें गुलाब के फूल देने की कोशिश की तो पुलिस अधिकारी भड़क गए। उधर, गोमतीनगर में भी महिलाओं का प्रदर्शन छठवें दिन भी जारी रहा।

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प्रदर्शनकारी महिलाओं का आरोप है कि शनिवार दोपहर में एसीपी पश्चिम विकास चन्द्र त्रिपाठी की अगुवाई में पुलिसकर्मी घंटाघर पहुंचे और उन्होंने पुरुषों को लाठियां फटकार कर भगाना शुरू कर दिया। प्रदर्शन में शामिल फौजिया का आरोप है कि पुलिस ने मारपीट की। उनका आरोप है कि पुलिस प्रदर्शन समाप्त करने का दबाव बना रही है। वहीं गोमतीनगर उजरियांव के गंज शहीदा कब्रिस्तान के निकट दरगाह परिसर में सोमवार की रात से शुरू हुआ महिलाओं का प्रदर्शन छठवें दिन शनिवार को भी जारी रहा। खुले आसमान के नीचे महिलाएं सर्द रातों में एनआरसी, सीएए के विरोध में डटी रहीं।

बड़ी संख्या में अधिवक्ता पहुंचे घंटाघर
घंटाघर पर बड़ी संख्या में अधिवक्ता भी पहुंचे। लखनऊ बार एसोसिएशन के महामंत्री जितेन्द्र सिंह जीतू की अगुआई में अधिवक्ताओं ने महिलाओं का हौसला बढ़ाया। उन्होंने पुलिस के रवैये को लेकर अधिकारियों से चर्चा कर नाराजगी जताई। इसमें मुख्य रूप से अधिवक्ता यामीन खान, मुसव्विर अली मंशू, मोहम्मद रिजवान, अरशद आलम, हबीब सिद्दीकी, विष्णु अग्रवाल, निशी शुक्ला, तस्नीम अहमद, मोहम्मद हमजा आदि शामिल रहे।

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संविधान की रक्षा व सौहार्द के लिए किया हवन

प्रदर्शनकारी महिलाएं - फोटो : अमर उजाला
घंटाघर पर विरोध प्रदर्शन में हिन्दू महिलाओं ने भी शामिल होकर एकता व सौहार्द का संदेश दिया। महिलाओं ने संविधान की रक्षा व सौहार्द के लिए हवन किया। इसमें सुनीता रावत, लालजी देवी, सर्मिष्ठा, शिप्रा, शिल्पा, रेनू, रीतू रावत आदि शामिल हुईं।

नुक्कड़ नाटक कर बताया संविधान
प्रदर्शन के दौरान माकिंग वर्ड के कलाकार सचिन, शुभम तिवारी, शक्ति, विनय सहित अन्य लोगों ने नुक्कड़ नाटक कर महिलाओं को देश के संविधान में मिले अधिकारों और कर्तव्यों की जानकारी दी। कलाकारों ने बीच-बीच में गीत गाकर महिलाओं का हौसला भी बढ़ाया।

सेवानिवृत्त जस्टिस भी पहुंचे समर्थन देने
नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी के विरोध में चल रहे महिलाओं के प्रदर्शन को समर्थन देने शनिवार को सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस हैदर अब्बास रजा भी घंटाघर पहुंचे। उन्होंने महिलाओं का हौसला बढ़ाया। उन्होंने कहा कि सरकार को महिलाओं की बात को सुनना चाहिये।
 
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कदमों के निशान बना सीएए व एनआरसी का विरोध

प्रदर्शनकारी महिलाएं - फोटो : अमर उजाला
प्रदर्शन में शामिल छात्राओं ने 150 मीटर बैनर पर कदमों के निशान बनाकर नागरिकता संशोधन कानून व एनआरसी का विरोध किया। श्रमयोगी आदियोग की अगुवाई में छात्राओं ने बैनर पर नो सीएए, बायकॉट एनआरसी लिख कर अपनी भावनाएं प्रदर्शित कीं।

गणतंत्र दिवस पर सुबह 11 बजे होगा झंडारोहण
घंटाघर पर प्रदर्शन कर रहीं महिलाएं रविवार को सुबह 11 बजे झंडारोहण कर गणतंत्र दिवस मनाएंगी। शायर मुनव्वर राना की बेटी सुमैया राना ने राजनैतिक दलों से अपील करते हुये कहा कि किसी भी सियासी दल का नेता प्रदर्शन में शामिल न हो। उन्होंने कहा कि नेताओं के शामिल होने से महिलाओं का प्रदर्शन सियासी बन जाएगा।
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