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UP News: यूपी में सालभर में महिला उत्पीड़न के मामले 12 प्रतिशत बढ़े, फोन बुलिंग और साइबर बुलिंग दे रहा तनाव

Tue, 12 Aug 2025 02:21 PM IST
ishwar ashish मनीषा गोस्वामी, अमर उजाला, लखनऊ

सार

महिला उत्पीड़न से जुड़े मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इनमें पीड़िताओं की अधिक संख्या शहरी क्षेत्रों की है।  सर्वाधिक शिकायतें फोन बुलिंग और साइबर बुलिंग की है।
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मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश में महिला उत्पीड़न के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। 1090 वीमेन पावर लाइन के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2024 में ऐसे मामलों में 12 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इनमें सबसे अधिक शिकायतें अनचाही फोन कॉल और साइबर बुलिंग से जुड़ी हैं। इस कारण किशोरियों से लेकर विवाहिताएं तक मानसिक तनाव झेल रही हैं। इनमें सबसे अधिक पीड़िताएं राजधानी की हैं। लखनऊ से हर महीने (एक जुलाई से एक अगस्त के बीच) आने वाली कॉल की संख्या करीब पांच हजार है।

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1090 में डिप्टी एसपी विनोद यादव ने बताया कि घरेलू हिंसा के मामले भी बढ़ रहे हैं। इनमें पीड़िताओं की सबसे अधिक संख्या शहरी क्षेत्रों की है। ऐसे में यूनिसेफ के 36 मनोवैज्ञानिकों की सहायता से हर दिन सैकड़ों पीड़िताओं की काउंसिलिंग की जा रही है।

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प्रदेश में वर्ष 2023-2024 के बीच कॉल संख्या का ब्योरा
वर्ष 2023: 4,00,000 के करीब।
वर्ष 2024 : 4,50,000 के करीब।

प्रमुख शिकायतें
अनचाही फोन कॉल, साइबर बुलिंग, घरेलू हिंसा, रिश्तों में दरार, दहेज प्रताड़ना।

प्रदेश का आंकड़ा एक नजर में
वर्ष 2025 जुलाई में विभिन्न जिलों से आने वाली कुल शिकायतें : 43,000 से अधिक
फोन बुलिंग, साइबर बुलिंग आदि से संबंधित शिकायतें : 13,925
ऑनलाइन फैमिली काउंसिलिंग कॉल : 841
अन्य प्रकरणों से संबंधित शिकायतें : 28,933

वीमेन पावर लाइन के अपर पुलिस अधीक्षक विजय त्रिपाठी का कहना है कि एक दिन में पूरे प्रदेश से सात हजार से अधिक पीड़िताओं की कॉल आ रही हैं। इनमें से 60 प्रतिशत से अधिक को मनोवैज्ञानिक सहायता की जरूरत होती है। यूनिसेफ की मनोवैज्ञानिकों के जरिये इनकी काउंसिलिंग की जाती है और उनके अंदर आत्मविश्वास भरा जाता है। इससे उनमें हिम्मत आती है और उन्हें गलत कदम उठाने से बचाया जा रहा है।

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