राजधानी लखनऊ के महिला संगठनों ने चिन्मयानंद पर दुष्कर्म की सही धाराएं लगाकर मामले की ठीक तरह से जांच कराने की मांग की है।
यूपी प्रेस क्लब में सोमवार को आयोजित प्रेस वार्ता में साझी दुनिया की अध्यक्ष और लखनऊ विश्वविद्यालय की पूर्व वीसी रूपरेखा वर्मा ने कहा कि सरकार इस मामले में हीला-हवाली कर रही है।
एडवा की मधु गर्ग ने कहा कि पकड़े जाने वाले बाबा ज्यादातर एक विशेष पार्टी से जुड़े दिखते हैं। ऐसे में सत्ताधारी पार्टी पर भी सवाल उठते हैं। सामाजिक कार्यकर्ता ताहिरा हसन ने कहा कि ये पूरा मामला दिखाता है कि किस तरह एसआईटी ने जस्टिस वर्मा कमेटी की बातों की अवहेलना की है।
महिला फेडरेशन की आशा मिश्रा ने कहा कि जिन लड़कियों ने हिम्मत की उन्हें भी न्याय नहीं मिल पा रहा है। आली की कार्यकारी निदेशक और वकील रेनू मिश्रा ने कहा कि जब पीड़िता ने दिल्ली में शिकायत दर्ज कराई थी तो यहां तुरंत केस क्यों नहीं दर्ज किया गया?