लखनऊ। केजीएमयू में पल्मोनरी एवं क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष प्रो. वेद प्रकाश के मुताबिक अस्थमा के इलाज को बेहतर बनाना है तो सभी के लिए इन्हेलर का इलाज सुनिश्चित करना होगा। प्रो. वेद सोमवार को विश्व अस्थमा दिवस की पूर्व संध्या पर विभाग में आयोजित प्रेसवार्ता में बोल रहे थे।
बताया कि इस समय विश्व में करीब 26.2 करोड़ और भारत में 3.4 करोड़ से अधिक लोग अस्थमा ग्रसित हैं। विश्व में इससे हर साल करीब 4.55 लाख लोगों की मौत होती है। यह रोग बच्चों व किशोरों में सबसे सामान्य दीर्घकालिक रोग है। महिलाओं में अस्थमा की शिकायत पुरुषों से अधिक है। प्रेसवार्ता में प्रो. आरएएस कुशवाहा, प्रो. राजेश कुमार प्रोफेसर, डॉ. सचिन कुमार उपस्थित रहे।
कुल मौतों में से 46 फीसदी भारत में
डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि विश्व में अस्थमा के कुल मामलों में 13 फीसदी सिर्फ भारत में पाए जाते हैं। अस्थमा से होने वाली कुल मौतों में से 46 फीसदी अकेले अपने देश में होती हैं। खराब वायु गुणवत्ता अस्थमा के लिए सबसे बड़ा कारण है।