लखनऊ। निजी अस्पताल में पित्त की पथरी के ऑपरेशन के बाद महिला की नस कट गई। झांसा देकर उसे मलिहाबाद के जेडएम अस्पताल में भर्ती कराया। यहां दोबारा ऑपरेशन हुआ, लेकिन सुधार नहीं हुआ। पति ने जेडएम अस्पताल पर वसूली व गलत ऑपरेशन करने का आरोप लगा सीएमओ दफ्तर में दोनों अस्पतालों की शिकायत दर्ज कराई है। हालांकि, अफसर मामले को दबाए बैठे हैं।
उन्नाव के बांगरमऊ के रहने वाले निर्भय ने पत्नी रुपम को पित्त की पथरी ऑपरेशन के लिए पहले बांगरमऊ के नंदा अस्पताल में भर्ती कराया। यहां ऑपरेशन के दौरान महिला की नस कटने से मवाद आने लगा। अस्पताल कर्मियों ने उसे दिसंबर माह में मलिहाबाद स्थित जेडएम अस्पताल में भर्ती कराया। यहां डॉ. अब्दुल मोबीन ने सर्जरी की। आरोप है कि इससे पहले 70 हजार रुपये दवाओं, एक लाख रुपये सर्जरी के वसूल लिए। 10 यूनिट खून भी मंगवाया था। सर्जरी के बाद टांकों से मवाद व पानी रिसने से परिजनों उसे दूसरे अस्पताल ले गए। सीएमओ डॉ. एनबी सिंह के मुताबिक, जांच के बाद अस्पताल पर कार्रवाई की जाएगी।
आयुष्मान कार्ड लेने से किया मना
पति निर्भय का आरोप है जेडएम अस्पताल संचालक डॉ. अब्दुल ने आयुष्मान कार्ड से इलाज करने से मना कर दिया। इसके बाद नकद रुपये दिए गए।
ऑपरेशन में लापरवाही नहीं हुई है। तीमारदार खुद लीव अगेंस्ट मेडिकल एडवाइस (लॉमा) लिखकर मरीज को ले गए थे। वसूली का आरोप बेबुनियाद है।
डॉ. अब्दुल मोबिन, जेडएम अस्पताल