लखनऊ। दुष्कर्म का मुकदमा वापस न लेने पर दुबग्गा निवासी 20 वर्षीय युवक की हत्या कर दी गई। उसका शव शनिवार रात गांव के पास रेलवे लाइन पर पड़ा मिला। युवक के पिता ने नाबालिग बेटी से दुष्कर्म के आरोपी आलोक व उसके तीन अज्ञात साथियों के खिलाफ दुबग्गा थाने में हत्या का केस दर्ज कराया है। आरोप है कि इन्हीं लोगों ने युवक की हत्या की। इधर, पुलिस ट्रेन की चपेट में आने से युवक की मौत होना बता रही है।
इंस्पेक्टर अभिनव कुमार वर्मा ने बताया कि घरवालों की तहरीर के मुताबिक युवक खेती करता था। अगस्त 2024 में उसकी नाबालिग बहन से आरोपी आलोक ने दुष्कर्म किया था। इस मामले में आलोक के खिलाफ केस दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया था। दिसंबर 2024 में आरोपी जमानत पर रिहा होकर आया। इसके बाद वह युवक पर लगातार मुकदमा वापस लेने व समझौते का दबाव बनाने लगा। शनिवार शाम युवक घर से अकेला निकला। रात करीब साढ़े आठ बजे युवक का शव गांव के पास रेलवे लाइन पर क्षत-विक्षत हालत में मिलने की सूचना मिली। घरवालों ने आलोक व उसके साथियों पर हत्या की वारदात को अंजाम लेने का आरोप लगाया।
इंस्पेक्टर का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। युवक के परिवार में पिता, मां व दो छोटी बहने हैं। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत का कारण शॉक एंड हेमरेज आया है।
रेलवे लाइन से एक किमी दूर मिले युवक के जूते
युवक का शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हो चुका था। पैर से लेकर सिर तक व शरीर पर कई जगह चोट के गंभीर निशान थे। रविवार सुबह पुलिस को घटनास्थल से एक किलोमीटर दूरी पर युवक के दोनों जूते मिले। परिजनों का आरोप है कि जिस जगह युवक का शव मिला, उस जगह वह कभी नहीं जाता था।
घरवालों ने की थी मौखिक शिकायत
युवक के चाचा ने आरोप लगाया है कि जमानत पर छूटने के बाद आरोपी आलोक लगातार धमकी दे रहा था। युवक के परिजनों ने इलाके के दरोगा व सिपाहियों से इस बात की मौखिक शिकायत भी की थी। शिकायत के बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। बस आरोपी को डांट डपट देने का आश्वासन देकर पीड़ित परिवार को चुप करा दिया।
ट्रेन से कटने की मिली थी पहली सूचना
डीसीपी पश्चिम विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि घटना के संबंध में स्टेशन मास्टर ने पुलिस को सूचना दी थी। पहली सूचना युवक के ट्रेन से कटने की मिली थी। बाद में परिजन जब मौके पर पहुंचे तो उन लोगों ने हत्या का आरोप लगाया।