बाराबंकी जिले की हैदरगढ़ कोतवाली में तैनात महिला सिपाही मोनिका रावत ने अफसरों की प्रताड़ना से तंग आकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मामले का खुलासा महिला सिपाही के सुसाइड नोट से हुआ है।
घटना की जानकारी पर कोतवाली प्रभारी परशुराम ओझा व दीवान रुखसार अहमद को लाइन हाजिर कर दिया गया है।
मोनिका ने सुसाइट नोट में लिखा है, 'मैं मोनिका थाना हैदरगढ़, बाराबंकी में आरक्षी के पद पर तैनात हूं। मैं कार्यालय में क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क सिस्टम (सीसीटीएनएस) में काम करती हूं। मेरी ड्यूटी नियम विरुद्घ बाहर लगाकर टॉर्चर किया जाता है, जबकि बाकी सीसीटीएनएस पर कार्यरत लोगों की ड्यूटी कहीं बाहर नही लगती है। जब मैंने इसका विरोध किया तो कांस्टेबल मोहम्मद रुखसार व एसएचओ परशुराम ओझा द्वारा मुझे प्रताड़ित किया जाने लगा और मेरी अनुपस्थिति दर्ज करा दी गई।
29 सितंबर 2018 को अपनी छुट्टी लेकर एसएचओ परशुराम ओझा के पास गई तो उन्होंने रजिस्टर फेंक दिया और बोले हम छुट्टी नहीं देंगे। सीओ के पास जाओ। मोनिका ने लिखा कि जो हमारा हक है अगर उसके लिए भी हमें अफसरों से भीख मांगनी पड़े तो यह ठीक नहीं है। अगर मेरी छुट्टी मंजूर हो जाती तो मुझे ये कदम न उठाना पड़ता।' अंत में उसने अपने माता-पिता को सॉरी बोलते हुए माफी मांगी है।
हरदोई निवासी मोनिका हैदरगढ़ कस्बे के मितईपुरवा वार्ड के एक मकान में रहती थी। रविवार को फोन न मिलने पर पड़ोस में रहने वाला सिपाही उसे खोजते हुए उसके घर आया और जब दरवाजा खोला तो कमरे के अंदर मोनिका का पंखे से लटकता हुआ शव देखकर उसके होश उड़ गए। इसकी सूचना कोतवाली को दी गई। मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने मोनिका के शव को फंदे से उतारा और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।