ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने वालों को अब ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक पर टेस्ट देना होगा। सरकार इसके लिए परिवहन कार्यालयों में ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक बनवाने जा रही है।
इसकी शुरुआत लखनऊ, कानपुर, मुरादाबाद व अलीगढ़ से होगी। परिवहन विभाग ने इसके आदेश जारी कर दिए हैं। छह और शहरों में इसे बनाने का आदेश भी एक-दो दिन में जारी हो जाएगा।
अभी तक परिवहन कार्यालयों में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने वालों को मैदान में ड्राइविंग टेस्ट देना होता है। टेस्ट के दौरान उन्हें अंग्रेजी की संख्या आठ के अनुसार वाहन चलाना होता है।
इसके लिए अस्थाई ट्रैक बनाया जाता है। कई बार विभाग के अधिकारी टेस्ट लेने में लापरवाही कर देते हैं। इसे देखते हुए ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक बनवाने का निर्णय किया गया है।
परिवहन कार्यालयों में दुपहिया व चौपहिया वाहनों के लिए एक-एक ट्रैक बनाया जाएगा। सरकार ने इसके लिए नक्शा भी जारी कर दिया है।
यह ट्रैक टिन शेड वाले एक बड़े हॉल में बनाया जाएगा ताकि बारिश के मौसम में भी खराब न हो सके। प्रत्येक ट्रैक के लिए 8.61 लाख रुपये का बजट तय किया गया है।
वाहनों की फिटनेस जांचने के लिए निरीक्षण कक्ष व फिटनेस पिट
मौजूदा व्यवस्था में वाहनों की फिटनेस फौरी तौर पर जांचने के बाद फिटनेस सर्टिफिकेट दे दिया जाता है। इंडिका जैसी कार इतनी नीची होती है उसके नीचे देखने के लिए पिट जरूरी है।
ऐसे में बगैर देखे ही इन वाहनों का फिटनेस जारी कर दिया जाता है। इसे देखते हुए सरकार ने परिवहन कार्यालयों में निरीक्षण कक्ष व फिटनेस पिट बनवाने का निर्णय किया है।
बड़े शहरों के कार्यालयों में दो निरीक्षण कक्ष व दो फिटनेस पिट बनाए जाएंगे, जबकि छोटे शहरों में एक-एक ही बनाए जाएंगे।
15 शहरों में निरीक्षण कक्ष व पिट के लिए 1.24 करोड़ जारी
सरकार ने पहले चरण में 15 शहरों में निरीक्षण कक्ष व फिटनेस पिट बनाने के आदेश जारी कर दिए हैं। वाराणसी, गाजियाबाद, कानपुर, मेरठ व मुरादाबाद में दो-दो निरीक्षण कक्ष व पिट बनाए जाएंगे।
दो निरीक्षण कक्ष व पिट बनाने के लिए सरकार ने 22.05 लाख रुपये का बजट तय किया है। वहीं, अलीगढ़, बस्ती, उन्नाव, कानपुर देहात, रायबरेली में एक-एक निरीक्षण कक्ष व पिट बनाया जाएगा।
एक कक्ष व पिट का बजट 13.83 लाख रुपये रखा गया है। सरकार ने इसके लिए 1.24 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी कर दी है।