लखनऊ। बख्शी का तालाब (बीकेटी) में मंगलवार से ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (एटीएस) की शुरुआत हो गई, लेकिन इसके साथ ही ई-रिक्शा सहित 48 श्रेणी के उन वाहनों के लिए मुश्किल खड़ी हो गई हैं, जिनकी फिटनेस जांच मशीन से नहीं, बल्कि केवल भौतिक निरीक्षण से होती है। अब इन वाहनों के मालिकों को भी फिटनेस के लिए दूर बीकेटी जाना पड़ेगा।
एटीएस शुरू होने के बाद ट्रांसपोर्टनगर स्थित आरटीओ के इंस्पेक्शन एंड सर्टिफिकेशन सेंटर (आईएंडसी) में फिटनेस के लिए स्लॉट मिलना बंद हो गया है। नियम के अनुसार, जहां एटीएस शुरू हो जाता है, वहां वाहन पोर्टल पर फिटनेस शुल्क जमा नहीं होता। एटीएस की फीस ऑटोमेटेड फिटनेस मैनेजमेंट सिस्टम (एएफएमएस) पर ही जमा होती है।
इस वजह से अब मशीन से फिटनेस जांच न होने वाले ई-रिक्शा, दोपहिया, ट्रैक्टर, फोर्कलिफ्ट जैसे वाहन को भी बीकेटी भेजा जा रहा है, जबकि इनकी जांच पहले आरटीओ परिसर में संभागीय निरीक्षक ही भौतिक रूप से करते थे।
वाहन मालिकों की परेशानी, शहर के एक कोने तक सफर
वाहन मालिकों का कहना है कि सिर्फ भौतिक जांच के लिए बीकेटी जाना समय और खर्च दोनों बढ़ाता है। उनका दावा है कि अगर पूर्व की तरह ट्रांसपोर्टनगर वाले विभागीय फिटनेस सेंटर पर इन वाहनों को जांच की अनुमति मिल जाए, तो बड़ी राहत मिलेगी। वाहन मालिक जल्द ही अफसरों से मिलकर इस संबंध में गुहार लगाने की तैयारी में हैं। शहर में केवल ई-रिक्शा ही 70 हजार से अधिक हैं। इन्हें व्यावसायिक टू-व्हीलर, मोटरकार, ट्रैक्टर और अन्य श्रेणियों को मिलाकर करीब डेढ़ लाख ऐसे वाहन हैं, जिनकी फिटनेस भौतिक मुआयने से होती है।
इन वाहनों को मशीन आधारित जांच की जरूरत नहीं
ई-रिक्शा, टू-व्हीलर, टू-व्हीलर विद साइडकार, मोपेड, फोर्कलिफ्ट, कृषि ट्रैक्टर, पावर टिलर, टो ट्रक, प्राइवेट उपयोग वाली ओमनी बस, रोड रोलर, बुलडोजर, हार्वेस्टर, व्यावसायिक ट्रैक्टर, पेड़ छंटाई वाहन, रिकवरी व्हीकल, ट्रैक्टर-ट्रॉली, कंस्ट्रक्शन व्हीकल आदि।
-
केवल मोर्थ कर सकता है पोर्टल में बदलाव
वाहन पोर्टल में बदलाव सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (मोर्थ) के निर्देश के बाद ही संभव है। मंत्रालय एनआईसी को दिशानिर्देश जारी करता है। यदि सिस्टम में संशोधन किया जाता है तो वाहन मालिकों को दोबारा विभागीय फिटनेस सेंटर का विकल्प मिल सकता है और उनकी परेशानी भी कम होगी।
-
सिस्टम में किसी भी प्रकार का बदलाव मोर्थ व एनआईसी से ही होगा। वहां से जो दिशानिर्देश मिलेंगे, उसका पालन किया जाएगा। फिलहाल सभी वाहनों को एटीएस पर ही फिटनेस करानी है।
- किंजल सिंह, परिवहन आयुक्त