शासन में सुनवाई नहीं होने और प्रस्तावों पर अमल नहीं होने की विधायकों की शिकायतें सामने आने के बाद सरकार ने डैमेज कंट्रोल की कवायद तेज कर दी है। अब विधायकों के प्रस्तावों को स्वीकृति तिथि के 45 दिन में पूरा किया जाएगा।
ग्राम्य विकास विभाग ने क्षेत्र विकास निधि के तहत विधायकों की ओर से प्राप्त प्रस्तावों को तेजी से निस्तारित करने के लिए समय सीमा निर्धारित की है।
ग्राम्य विकास विभाग की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि विधान मंडल सदस्यों के प्रस्ताव प्राप्त होने के सात दिन में कार्यदायी संस्था का चयन कर अनुमानित व्यय के लिए जिला स्तर से कार्यदायी संस्था को पत्र लिखा जाएगा।
इसके 25 दिन में कार्यदायी संस्था को प्रस्तावित कार्य का स्थलीय सत्यापन, भूमि का स्वामित्व से संबंधित अभिलेख प्राप्त कर उसका परीक्षण, अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करना होगा। फिर अगले 5 दिन में जिला ग्राम्य विकास अभिकरण की ओर से अनुमानित लागत का परीक्षण कर कार्य के लिए राशि स्वीकृत की जाएगी।
राशि स्वीकृत होने के 8 दिन में कार्यदायी संस्था को राशि उपलब्ध कराई जाएगी। दुर्घटना, अग्निकांड, असाध्य रोगों से पीड़ित व्यक्तियों के इलाज में आर्थिक सहायता के मामलों का निस्तारण सात दिन में पूरा किया जाएगा।