संवाद न्यूज एजेंसीरायबरेली। जिला अस्पताल के मेडिसिन व नाक कान गला विभाग में पीजी की पढ़ाई की स्वीकृति मिलने के बाद अब जिला महिला अस्पताल में भी स्त्री रोग एवं प्रसूति विभाग में दो सीटों पर पीजी की पढ़ाई की अनुमति मिल गई है। जूनियर रेजीडेंट पढ़ाई के साथ ही प्रसूताओं का इलाज भी करेंगी। जुलाई से पढ़ाई शुरू होने की उम्मीद है।
एमबीबीएस की पढ़ाई के बाद डॉक्टरों को विशेषज्ञ चिकित्सक बनने के लिए पीजी की पढ़ाई करनी पड़ती है। इसके लिए अब तक बड़े अस्पतालों में पीजी की पढ़ाई की व्यवस्था थी, लेकिन इस साल से जिला अस्पताल में भी यह सुविधा शुरू होगी। इससे एक ओर जहां चिकित्सक पीजी की पढ़ाई करेंगें, वहीं जिला अस्पताल में डॉक्टरों की कमी से राहत मिलेगी।
जिला अस्पताल में पिछले अप्रैल माह में ही जनरल मेडिसिन और नाक कान गला विभाग में पीजी की पढ़ाई शुरू कराने की स्वीकृति मिल गई थी। अब जिला महिला अस्पताल में भी दो सीटों पर पीजी की पढ़ाई की व्यवस्था स्त्री रोग एवं प्रसूति विभाग में की गई है।
दो जूनियर रेजीडेंट मिलेंगे
जिला महिला अस्पताल के स्त्री एवं प्रसूति विभाग में दो सीटों पर पीजी (डीएनबी) कोर्स की पढ़ाई के लिए स्वीकृति मिल गई है। महिला अस्पताल को दो जूनियर रेजीडेंट मिलेंगे। ये चिकित्सक पढ़ाई के साथ प्रसूताओं का इलाज भी करेंगे। इससे डॉक्टरों की कमी से राहत मिलेगी। पीजी की पढ़ाई जुलाई से शुरू होने की उम्मीद है।
डॉ. निर्मला साहू, सीएमएस जिला महिला अस्पताल