लखनऊ। विकास प्राधिकरण (एलडीए) की वरुण विहार आवासीय योजना पर किसानों का आक्रोश फूट पड़ा। भारतीय किसान यूनियन (लोकतांत्रिक) के बैनर तले मोहान रोड स्थित सलेमपुर पतौरा मोड़ पर सोमवार को हुई बैठक में 12 गांवों के किसानों ने एलडीए के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। ग्राम भालिया, आदमपुर, इंदवारा, बहरू, जलियां मऊ, मदारपुर, इब्राहिमगंज, नटकौरा, तेज किशन, दोना, रेवरी और सकरा के जुटे किसानों ने कहा कि जब तक लिखित समझौता और पूरा मुआवजा तय नहीं होता, तब तक एक इंच जमीन नहीं देंगे। बैठक में पहुंचे एलडीए के नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा गया।
राष्ट्रीय अध्यक्ष राकेश सिंह चौहान ने कहा कि एलडीए ने पहले भी गोमतीनगर, राजाजीपुरम, जानकीपुरम और बसंत कुंज योजनाओं में किसानों के साथ दोहरे मापदंड अपनाए। कहीं मुआवजे में भेदभाव किया गया, तो कहीं विरोध करने पर गोलियां चलीं। सीतापुर रोड योजना में दो किसानों की मौत और बसंत कुंज योजना में कई घायल हुए थे। अब किसान दोबारा शोषण के खिलाफ लामबंद हैं। बीते 21 अगस्त को किसान महापंचायत हुई थी, जिसमें 16 प्रमुख मांगें रखी गईं थीं, जिसमें बढ़ा हुआ डीएम सर्किल रेट, संपूर्ण मुआवजा, 5% भूमि वापसी, मुफ्त भूखंड, रोजगार, स्कूलों का आधुनिकीकरण और हाउस टैक्स से राहत जैसी मांगें शामिल थीं।
नायब तहसीलदार तुलसीराम ने मंच से सभी किसानों को आश्वासन देते हुए कहा कि किसानों की मांगों का ज्ञापन उच्च अधिकारियों को भेज कर समस्या का समाधान करने का प्रयास किया जाएगा। बैठक में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजाराम लोधी, युवा जिला अध्यक्ष अमित यादव समेत अन्य कई अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।